त्रिपुरा: ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी समेत 6 टीएमसी नेताओं पर एफआईआर, पुलिस की ड्यूटी में बाधा पहुंचाने का आरोप
त्रिपुरा पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस सांसद और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के अलावा डोला सेन, ब्रत्य बसु, कुणाल घोष, सुबल भौमिक और श्रीप्रकाश दास के खिलाफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
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पश्चिम बंगाल के बाद अब त्रिपुरा में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी घमासान शुरू हो गया है। हाल ही में हुई राजनीतिक हिंसा की घटनाओं को लेकर जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच त्रिपुरा पुलिस ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी समेत तृणमूल नेताओं डोला सेन, ब्रत्य बसु, कुणाल घोष, सुबल भौमिक और श्रीप्रकाश दास के खिलाफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इन पर अतिरिक्त एसपी और एसडीपीओ खोवाई के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार करने और उनकी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने का आरोप है।
प्राथमिकी में कहा गया है कि रविवार सुबह 14 तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद मंत्री ब्रत्य बसु और सांसद डोला सेन के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं का एक समूह खोवाई थाने पहुंचा। इसके तुरंत बाद ही अभिषेक बनर्जी भी थाने पहुंच गए। टीएमसी नेताओं ने एडिशनल एसपी और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया। अब त्रिपुरा पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
Tripura Police has registered FIR against TMC leaders Abhishek Banerjee, Dola Sen, Bratya Basu, Kunal Ghosh, Subal Bhowmik and Sri Prakash Das for allegedly misbehaving with Additional SP and SDPO Khowai and preventing them from discharging their duty
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 11, 2021
त्रिपुरा पुलिस के दोनों केस झूठे : पश्चिम बंगाल के कानून मंत्री मलय घटक
उधर, टीएमसी नेता व पश्चिम बंगाल के कानून मंत्री मलय घटक ने कहा है कि त्रिपुरा पुलिस द्वारा दर्ज किए गए दोनों केस झूठे हैं। उन्होंने कहा कि एक केस अभिषेक बनर्जी व अन्य के खिलाफ और दूसरा 14 टीएमसी नेताओं के खिलाफ दायर किया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित पुलिस थाने के प्रभारी को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए।
Both the cases (one against Abhishek Banerjee & others and the second against 14 TMC leaders in Tripura's Khowai) are false, fabricated & motivated. The complainant as well in charge of the police station should be dismissed immediately: West Bengal Law Minister Moloy Ghatak pic.twitter.com/ZfDA9L9k7G
— ANI (@ANI) August 11, 2021
क्या है मामला
पिछले दिनों टीएमसी के तीन युवा नेताओं, देबांग्शु भट्टाचार्य, सुदीप राहा और जया दत्ता पार्टी के काम से त्रिपुरा गए थे। इस दौरान रास्ते में रोककर इन लोगों पर हमला किया गया। युवा नेताओं ने आरोप लगाया कि उनकी कारों को अंबासा रोड पर रोका गया और हमला किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगरतला के बाद धर्मनगर में गोलियां चलाई गईं और एक टीएमसी कार्यालय में तोड़फोड़ की गई। इसके बाद त्रिपुरा पहुंचे अभिषेक बनर्जी को भी काले झंडे दिखाए गए। आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ता ने उनकी कार पर डंडे से हमला किया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इसके बाद खोवई थाने पर प्रदर्शन कर रहे तृणमूल के 14 नेताओं और कार्यकर्ताओं को कोरोना नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इनमें बीते दिन भाजपा कार्यकर्ताओं के कथित हमलों में घायल कार्यकर्ता भी शामिल हैं। इन सभी को खोवाई में सीजेएम अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत भी दे दी गई।