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त्रिपुरा: मंदिराें में पशु बलि पर हाई कोर्ट ने लगाई राेक, कांग्रेस नेता बोले- ईद में भी लागू हो
Sun, 29 Sep 2019 01:10 PM IST
Nilesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
Published by: Nilesh Kumar
Updated Sun, 29 Sep 2019 01:10 PM IST
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मंदिराें में पशु की बलि पर राेक
- फोटो : अमर उजाला
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त्रिपुरा हाई काेर्ट ने राज्य के सभी मंदिराें में जानवराें या पक्षियाें की बलि पर राेक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायमूर्ति अरिंदम लोध की एक खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को यह आदेश दिया। काेर्ट ने कहा कि राज्य सरकार सहित किसी भी व्यक्ति काे किसी भी मंदिर या उसके सपास जानवराें या पक्षियाें की बलि नहीं देने दी जाएगी।
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हाई कोर्ट ने देश में कहा कि राज्य सरकार किसी धार्मिक प्रथा से जुड़ी आर्थिक, वित्तीय, राजनीतिक या धर्म निरपेक्ष गतिविधि काे ही रेगुलेट कर सकती है। धार्मिक स्थल की धर्मनिरपेक्ष प्रकृति वाली गतिविधियाें तक ही सरकार की भूमिका सीमित है। माता त्रिपुरेश्वरी मंदिर में राेज एक बकरा देना या अन्य माैकाें पर दूसरे मंदिराें में जानवर देने की इजाजत संविधान नहीं देता है। बलि के लिए जानवर देने का अधिकार धर्म का अभिन्न और आवश्यक हिस्सा नहीं है।
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ईद में भी पशु बलि पर लगे पाबंदी
हाई कोर्ट के इस आदेश का अधिकतर लोगों ने स्वागत किया है, वहीं कुछ लोगों ने इस फैसले पर असंतुष्टि भी जताई है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रद्योत किशोर मनिक्या ने इस कदम को उचित ठहराया, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोर्ट मंदिरों में पशु बलि पर रोक लगाने का फैसला देता है तो फिर उसे ईद के दौरान भी इस तरह का आदेश देना चाहिए।
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