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आठ बार सर्जरी होने के बाद भी नहीं बच सकी त्रिपुरा की रूना बेगम
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
Updated Tue, 20 Jun 2017 06:38 PM IST
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सामान्य से बड़े आकार के सिर के कारण सुर्खियों में आई त्रिपुरा की रूना बेगम की मौत हो गई। साढ़े पांच साल की रूना हाइड्रोसिफैलिस नाम की बीमारी से पीड़ित थीं जिसमें सिर में पानी भर जाता है। इस घातक बीमारी के कारण रूना के सिर में 94 सेमी. तक सूजन आ गई थी।
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रूना के परिवालों ने बताया कि उसे सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई जिसके बाद रविवार को उसकी मौत हो गई। मां फातिमा खातून का कहना है, 'उसे सांस लेने में थोड़ी दिक्कत हो रही थी उसके पापा को इसकी सूचना दी गई।
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जब तक उसे किसी दूसरे अस्पताल में ले जाया जाता तब तक उसकी मौत हो गई। रूना की दिल्ली के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट में आठ बार सर्जरी हो चुकी थी, जहां उसका 2013 से मुफ्त में इलाज चल रहा था।
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कौन थी बेबी रूना?
साढ़े पांच साल की रूना बेगम का जन्म त्रिपुरा के एक छोटे से गांव में मोहम्मद अब्दुल रहमान और फातिमा बेगम के घर हुआ। 22 नवम्बर 2011 को जन्मी रूना बेगम के जन्म के बाद से ही सिर असामान्य हो गया। गरीब परिवार में पैदा होने की वजह से परिजन उसका उपचार कराने में असमर्थ थे।
बच्ची के सिर का आकार इतना बड़ा होने की खबर जब मीडिया में आई तो उसके उपचार की सारी जिम्मेदारी फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च अस्पताल की ओर से उठाई गई। यहां उसे उपचार के लिए सबसे पहले 16 अप्रैल 2013 को लाया गया। तब रूना का उपचार कर रहे न्यूरोसर्जन डॉ. संदीप वैश्य ने कहा कि भर्ती किए जाने के दौरान रूना के सिर का साइज 94 सेंटीमीटर था।
वह हाइड्रोफोलिसिस नामक बीमारी से पीड़ित थी। सभी शारीरिक जांच के बाद उसका उपचार शुरू किया गया। 15 मई 2013 को उसके सिर से काफी मात्रा में तरल पदार्थ निकाला गया। इसी बीच उसकी सर्जरी भी की गई। तब जाकर उसके सिर का साइज 36 इंच घटकर 58 सेंटीमीटर रह गया।
11 जुलाई 2013 को उसके सिर पर बैंडेज के माध्यम से दबाव देकर उसके सिर का साइज और कम किया गया। अस्पताल में 105 दिन तक उपचाराधीन रहने के बाद रूना को एक अगस्त को छुट्टी दी गई। इसके बाद बीते माह रूना को 29 नवम्बर 2013 को यहां फिर से भर्ती कराया गया।
बच्ची के सिर का आकार इतना बड़ा होने की खबर जब मीडिया में आई तो उसके उपचार की सारी जिम्मेदारी फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च अस्पताल की ओर से उठाई गई। यहां उसे उपचार के लिए सबसे पहले 16 अप्रैल 2013 को लाया गया। तब रूना का उपचार कर रहे न्यूरोसर्जन डॉ. संदीप वैश्य ने कहा कि भर्ती किए जाने के दौरान रूना के सिर का साइज 94 सेंटीमीटर था।
वह हाइड्रोफोलिसिस नामक बीमारी से पीड़ित थी। सभी शारीरिक जांच के बाद उसका उपचार शुरू किया गया। 15 मई 2013 को उसके सिर से काफी मात्रा में तरल पदार्थ निकाला गया। इसी बीच उसकी सर्जरी भी की गई। तब जाकर उसके सिर का साइज 36 इंच घटकर 58 सेंटीमीटर रह गया।
11 जुलाई 2013 को उसके सिर पर बैंडेज के माध्यम से दबाव देकर उसके सिर का साइज और कम किया गया। अस्पताल में 105 दिन तक उपचाराधीन रहने के बाद रूना को एक अगस्त को छुट्टी दी गई। इसके बाद बीते माह रूना को 29 नवम्बर 2013 को यहां फिर से भर्ती कराया गया।