Tripura Nikay Chunav Result: त्रिपुरा में भाजपा ने लहराया परचम, निकाय चुनाव में 334 में से 112 सीटें निर्विरोध जीतीं
2018 में सीमावर्ती राज्य में सत्ता में आने के बाद भाजपा का यह पहला निकाय चुनाव है। माकपा ने आरोप लगाया है कि उनके उम्मीदवारों को अपना नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर किया गया था।
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त्रिपुरा में निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ भाजपा ने कुल 334 सीटों में से 112 सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल की है। चुनाव अधिकारी ने बताया कि सोमवार को नामांकन वापस लेने का आखिरी दिन था और जांच की तारीख 5 नवंबर तय की गई थी। अधिकारी ने कहा कि विपक्षी माकपा के 15, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के चार, कांग्रेस के आठ, एआईएफबी के दो और सात निर्दलीय उम्मीदवारों सहित 36 उम्मीदवारों ने सोमवार को अपना नामांकन वापस ले लिया था। शेष 222 सीटों के लिए कुल 785 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिसके लिए 25 नवंबर को मतदान होना है। राज्य भर में अगरतला नगर निगम (51 वार्ड), 13 नगर परिषद और छह नगर पंचायतों सहित शहरी स्थानीय निकायों में कुल मिलाकर 334 सीटें हैं।
सात नगरीय निकायों- अंबासा नगर परिषद, जिरानिया नगर पंचायत, मोहनपुर नगर परिषद, रानीबाजार नगर परिषद, विशालगढ़ नगर परिषद, उदयपुर नगर परिषद और संतिरबाजार नगर परिषद में कोई विपक्षी उम्मीदवार नहीं हैं।माकपा के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा आश्रय लिए हुए गुंडों द्वारा किए जा रहे आतंक के कारण उनके उम्मीदवारों को अपना नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर किया गया था।
राज्य में हिंसा नगर निकाय चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा से काफी पहले शुरू हो गई थी। हमारी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया और पांच नगर परिषदों और दो नगर पंचायतों में हमारे उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल नहीं कर सके। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा के गुंडों ने एक अभूतपूर्व आतंक मचाया हुआ है।
त्रिपुरा में अपना आधार बढ़ाने की कोशिश कर रही टीएमसी ने कहा था कि वह उत्तर-पूर्वी राज्य में निकाय चुनाव लड़ेगी। नगर निकाय चुनाव में कुल 5,94,772 मतदाता वोट डालने के पात्र हैं और शहरी क्षेत्रों में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से अधिक है।