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यूपी में तीन तलाक के सबसे ज्यादा मामले सामने आए, सबसे कम दिल्ली में
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 20 Sep 2018 01:50 PM IST
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triple talaq
अब एक साथ तीन तलाक देना दंडनीय अपराध की श्रेणी में शामिल हो गया है। ऐसा करने वाले को तीन साल तक की सजा भुगतनी होगी।
सुप्रीम कोर्ट में गैरकानूनी घोषित किए जा चुके तलाक-ए-बिद्दत (तीन तलाक) को दंडनीय अपराध बनाने वाले बिल को कानून के रूप में मंजूरी देने वाले अध्यादेश पर बुधवार देर रात राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हस्ताक्षर कर दिए। इससे पहले सुबह केंद्र सरकार ने इसे अध्यादेश के तौर पर लागू करने की मंजूरी दे दी थी।
उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मामले
सरकार के मुताबिक, तीन तलाक के सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश सामने आए हैं। यूपी में जनवरी, 2017 से सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला दिए जाने तक 126 और इसके बाद से अब तक 120 मामले सरकार के संज्ञान में हैं।
दिल्ली व छत्तीसगढ़ में एक-एक मामले
कानून को आधार बनाकर अदालत जा सकती हैं पीड़िताएं : गर्ग
सुप्रीम कोर्ट के वकील डी. के. गर्ग का कहना है कि तीन तलाक से पूर्व में सताई गई महिलाएं सरकार के कानून को आधार बनाकर इंसाफ के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा सकती हैं। इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
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सुप्रीम कोर्ट में गैरकानूनी घोषित किए जा चुके तलाक-ए-बिद्दत (तीन तलाक) को दंडनीय अपराध बनाने वाले बिल को कानून के रूप में मंजूरी देने वाले अध्यादेश पर बुधवार देर रात राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हस्ताक्षर कर दिए। इससे पहले सुबह केंद्र सरकार ने इसे अध्यादेश के तौर पर लागू करने की मंजूरी दे दी थी।
उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मामले
सरकार के मुताबिक, तीन तलाक के सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश सामने आए हैं। यूपी में जनवरी, 2017 से सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला दिए जाने तक 126 और इसके बाद से अब तक 120 मामले सरकार के संज्ञान में हैं।
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दिल्ली व छत्तीसगढ़ में एक-एक मामले
| राज्य | तीन तलाल के मामले |
| झारखंड | 35 |
| मध्य प्रदेश | 37 |
| महाराष्ट्र | 27 |
| बिहार | 19 |
| असम | 11 |
| तेलंगाना | 10 |
| जम्मू-कश्मीर | 07 |
| हरियाणा | 4 |
| दिल्ली | 1 |
| छत्तीसगढ़ | 1 |
कानून को आधार बनाकर अदालत जा सकती हैं पीड़िताएं : गर्ग
सुप्रीम कोर्ट के वकील डी. के. गर्ग का कहना है कि तीन तलाक से पूर्व में सताई गई महिलाएं सरकार के कानून को आधार बनाकर इंसाफ के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा सकती हैं। इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
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