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ट्रिपल तलाक पर बोले संसदीय कार्य मंत्री- संसद में कल पेश होगा बिल
एजेंसी / नई दिल्ली
Updated Thu, 21 Dec 2017 01:02 PM IST
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triple talaq
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ट्रिपल तलाक मामले में कल संसद में बिल पेश हो सकता है। संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने बताया कि तीन तलाक पर बिल को संसद में कल पेश किया जायेगा। आपको बता दें कि मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक को पिछले हफ्ते ही कैबिनेट में मंजूरी दी थी।
पढ़ें- ट्रिपल तलाक पर प्रियंका और मायावती बताएं अपना रुख
भाजपा सरकार ने इस बिल को पास कराने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए भाजपा ने अपने सभी सांसदों को इस मौके पर संसद में ही मौजूद रहने को भी कहा है। बता दें कि ट्रिपल तलाक विधेयक का मसौदा तैयार करने से पहले मुस्लिम संगठनों से राय नहीं ली गई थी। सरकार ने लोकसभा में यह जानकारी दी।
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सरकार से पूछा गया था कि तीन तलाक पर मसौदा कानून तैयार करने से पहले सरकार ने मुस्लिम संगठनों से सलाह ली थी या नहीं। इस सवाल पर विधि राज्य मंत्री पी. पी. चौधरी ने अपने लिखित जवाब में कहा कि नहीं। सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद तुरंत तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) चलन में बना हुआ है, जिसके लिए कानून लाए जाने की आवश्यकता है।
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पढ़ें- ट्रिपल तलाक पर प्रियंका और मायावती बताएं अपना रुख
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भाजपा सरकार ने इस बिल को पास कराने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए भाजपा ने अपने सभी सांसदों को इस मौके पर संसद में ही मौजूद रहने को भी कहा है। बता दें कि ट्रिपल तलाक विधेयक का मसौदा तैयार करने से पहले मुस्लिम संगठनों से राय नहीं ली गई थी। सरकार ने लोकसभा में यह जानकारी दी।
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सरकार से पूछा गया था कि तीन तलाक पर मसौदा कानून तैयार करने से पहले सरकार ने मुस्लिम संगठनों से सलाह ली थी या नहीं। इस सवाल पर विधि राज्य मंत्री पी. पी. चौधरी ने अपने लिखित जवाब में कहा कि नहीं। सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद तुरंत तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) चलन में बना हुआ है, जिसके लिए कानून लाए जाने की आवश्यकता है।
लैंगिक समानता का मसला मानवता से जुड़ा'
वहीं संसद सत्र के दौरान अन्य सवालों के लिखित जबाव में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार का मानना है कि महिलाओं का सम्मान और लैंगिक समानता का मसला मानवता से जुड़ा है। इसका धर्म और विश्वास का कोई लेना देना नहीं है। सरकार का मानना है कि प्रस्तावित विधेयक महिलाओं के सम्मान, लैंगिक न्याय एवं समानता में मददगार साबित होगा।
केंद्रीय कानून मंत्री ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत एक साथ तीन तलाक पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं इसके बावजूद तीन तलाक के अब तक 66 मामले दर्ज किए गए हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बीते 15 दिसंबर को ‘मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक’ को मंजूरी दी थी। इस विधेयक में तलाक देने वाले पति के लिए तीन साल की जेल और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
केंद्रीय कानून मंत्री ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत एक साथ तीन तलाक पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं इसके बावजूद तीन तलाक के अब तक 66 मामले दर्ज किए गए हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बीते 15 दिसंबर को ‘मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक’ को मंजूरी दी थी। इस विधेयक में तलाक देने वाले पति के लिए तीन साल की जेल और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।