पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के निधन पर भावुक हुआ देश, अटल रहेंगी यादें
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बीमारियों से जूझते हुए आखिरकार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने आखिरी सांस ली। एम्स की तरफ से जारी मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक अटल बिहारी वाजपेयी ने 5 बजकर 5 मिनट पर आखिरी सांस ली।
उनका पार्थिव शरीर उनके आवास (6-ए कृष्णा मेनन मार्ग) पर पहुंच गया है। कल पार्टी मुख्यालय पर अटल जी के आखिरी दर्शन किए जाएंगे। फिलहाल आज रात उनका पार्थिव शरीर उनके आवास पर ही रहेगा। वहीं शुक्रवार को अटल जी का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
राजघाट के करीब राष्ट्रीय स्मृति स्थल के बगल में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। खबर है कि कल यानी शुक्रवार को 1.30 बजे अटल जी की अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से देश भर में शोक की लहर देखने को मिल रही है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से लेकर लगभग सभी नेता उनके निधन पर अपना दुख व्यक्त कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने वाजपेयी के निधन को देश की अप्रिय घटना बताते हुए कहा कि वो देश का गौरव थे।
Extremely sad to hear of the passing of Shri #AtalBihariVajpayee, our former Prime Minister and a true Indian statesman. His leadership, foresight, maturity&eloquence put him in a league of his own. Atalji, the Gentle Giant,will be missed by one & all: President Kovind (File pic) pic.twitter.com/VmbIap4tmq
— ANI (@ANI) August 16, 2018
पीएम नरेंद्र मोदी ने वाजपेयी जी के निधन पर खुद को शुन्य अवस्था में जाहिर करते हुए कहा कि मेरे अंदर भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है। उन्होंने अटल जी के निधन को एक युग का अंत कहा है।
PM Narendra Modi tweets on former PM and Bharat Ratna #AtalBihariVaajpayee 's passing away pic.twitter.com/N1zcbDdzAt
— ANI (@ANI) August 16, 2018
लाल कृष्ण आडवाणी ने भी अटल जी के निधन पर गहरा दुख जाहिर किया है। उन्होंने 65 साल की अटल जी के साथ अपनी दोस्ती का जिक्र करते हुए इस वक्त खुद को निशब्द कहा। आडवाणी ने अटल जी से मिले मार्गदर्शन का जिक्र करते हुए खुद को कृतज्ञ बताया।

उधर मुरली मनोहर जोशी भी वाजपेयी जी के निधन से गहरे दुख में हैं और उन्होंने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थनाएं की। राजनाथ सिंह ने अटल बिहारी वाजपेयी को प्रेरणा स्रोत कहा और उनके निधन से गहरा दुख व्यक्त किया।
This is a very sad moment for us that Atal ji is no more. Shortly his mortal remains will be taken to his residence where people can pay tribute to him: Home Minister Rajnath Singh #AtalBihariVaajpayee pic.twitter.com/iskqHlfcfS
— ANI (@ANI) August 16, 2018
अटल जी की प्रतिभा का बखान करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उनके निधन को देश के लिए बड़ी क्षति कहा। अटल जी से सीखने और उनसे प्रेरणा लेने की बात करते हुए उन्होंने भी गहरा दुख जाहिर किया।
I have learnt with profound sorrow about the sad demise of Bharat Ratna #AtalBihariVaajpayee ji. An excellent orator, an impressive poet, an exceptional public servant, an outstanding Parliamentarian and a great Prime Minister: Dr.Manmohan Singh (file pic) pic.twitter.com/2E23QHZpbf
— ANI (@ANI) August 16, 2018
भाजपा नेता शहनवाज हुसैन ने कहा कि माता पिता के बाद सबसे ज्यादा स्नेह अटल जी से मिला। राजनीति में मेरे सब कुछ थे। वो सिर्फ एक शख्स ही नहीं एक युग थे। मुझे 1998 में पहला चुनाव भी उन्होंने ही लड़वाया। वो चुनाव मैं महक 6000 वोटों से हार गया। तब शत्रुघ्न सिन्हा के घर पर शाम के भोज में जब मैं उनसे मिला तो अटल जी ने कहा कि थोड़ी और मेहनत करते तो जीत जाते। मैंने कहा कि अगर आप आ जाते तो जरूर जीत जाता। 1999 में जब मैं जीत कर उनसे मिलने आया तो उन्होंने अपने हाथ से मुझे लड्डू खिलाया। मुझे सबसे पहले आरिफ बेग साहब ने मिलाया था। जब पहली बार मिला तो उन्होंने मुझे शाहनवाज साहब कह कर संबोधित किया जबकि मैं दुबला पतला युवक था। मेरा उनका रिश्ता पिता पुत्र का था। वो स्वयं शानदार कवि थे और दूसरों की कविताओं का भी सम्मान करते थे।
लालजी टंडन ने कहा कि मैं लगभग 15-16 साल की आयु से अटल जी से जुड़ा था। मैं उन्हें एक कवि, विलक्षण राजनेता व्यक्ति के रूप में जानता हूं। जब इतिहास लिखा जाएगा उसके अनेक अध्याय सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि अटल जी के साथ मेरा संबंध बहुत लंबे समय से रहा है। मेरे राजनीति में आने से पहले से भी मैं उनसे जुड़ा रहा। मुझे उनका विश्वास, प्रेम, स्नेह, आशीर्वाद प्राप्त हुआ। मैं उनका अनुज सहयोगी मित्र सेवक सब कुछ रहा हूं। मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है। जब देश में राजनीतिक अराजकता बढ़ रही थी तब अटल जी की सोच थी कि देश के सबसे बड़े राज्य में एक दलित महिला मुख्यमंत्री बने। तब मायावती को भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बनाया गया। मेरा राजनीतिक जीवन उनके चरणों की धूल से बना है। मैं भावुक और बोझिल हूं।
भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे। इस दौरान उन्होंने अपने भाषणों से पाकिस्तान को हिलाकर रख दिया। वे पहली बार साल 1996 में 16 मई से 1 जून तक, 19 मार्च 1998 से 26 अप्रैल 1999 तक और फिर 13 अक्टूबर 1999 से 22 मई 2004 तक देश के प्रधानमंत्री रहे हैं।
Former Prime Minister & Bharat Ratna #AtalBihariVaajpayee passes away in AIIMS. He was 93. pic.twitter.com/r12aIPF5G0
— ANI (@ANI) August 16, 2018