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Elections 2023: आगामी चुनावों में मुफ्त घोषणाओं के बीच 'कड़ी टक्कर', BRS ने कांग्रेस के इस प्लान पर उठाए सवाल
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विस्तार
देश में इस साल होने वाले सभी पांच विधानसभा चुनावों में मुफ्त घोषणाओं के बीच कड़ी टक्कर हो सकती है। सभी राजनीतिक दल जनता को लुभाने के लिए आगे बढ़कर दावे कर रहे हैं। कांग्रेस 16-17 सितंबर को तेलंगाना में अपनी नवगठित केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक करने जा रही है। इस बैठक में सोनिया गांधी सहित कांग्रेस के सभी शीर्ष नेता भाग ले सकते हैं। कांग्रेस ने अभी से संकेत दिए हैं कि वह इस बैठक में पांच बड़ी घोषणाएं कर सकती है जिसके माध्यम से वह तेलंगाना विजय का प्लान बना रही है।
लेकिन तेलंगाना की बीआरएस सरकार ने कांग्रेस के इन दावों पर सवाल उठाए हैं। बीआरएस नेता के. कविता ने दावा किया है कि तेलंगाना सरकार की योजनाएं पूरे देश में सबसे बड़ी हैं। उनके माध्यम से जनता को भारी राहत पहुंचाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इतनी आर्थिक मदद पूरे देश में कोई सरकार नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने द्वारा शासित राज्यों में जनता को कोई राहत नहीं पहुंचा रही है, लेकिन इसके यहां पर नए-नए दावे कर रही है। उसे यहां कोई दावा करने से पहले अपने राज्यों में कुछ करके दिखाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि तेलंगाना में किसानों को सबसे ज्यादा आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जा रही है। बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को भी आर्थिक मदद दी जा रही है। इसके द्वारा उनका जीवन स्तर सुधारने का काम हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी सरकारों में ऐसा कोई बड़ा काम करने में असफल रही है, लेकिन इसके बाद भी वह यहां नई घोषणाएं कर लोगों को 'बरगलाना' चाहती है।
बीआरएस ने क्यों किया हमला?
दरअसल, तेलंगाना में कांग्रेस मजबूती के साथ अपने पत्ते खेल रही है। चूंकि वह पहले ही कर्नाटक का चुनाव बड़ी घोषणाओं और मजबूत रणनीति के बदले जीत चुकी है, वह एक बार फिर एक और दक्षिणी राज्य पर निशाना साधने की कोशिश कर रही है। उसे लगता है कि कर्नाटक के असर में तेलंगाना में भी उसका जादू चल सकता है। यही कारण है कि तेलंगाना में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक कर वह राज्य में अपनी दावेदारी पेश करना चाहती है। हालांकि, बीआरएस की तेलंगाना के वोटरों पर मजबूत पकड़ के बीच उसकी राह आसान नहीं होने वाली है।