देशभर में मॉनसून अपने चरम पर है और चारों तरफ जमकर बारिश हो रही है। लगातार बारिश से कई जगहों पर स्थिति गंभीर हो गई है और लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं। मौसम विभाग ने भी कई राज्यों पर अगले कुछ दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है और मूसलाधार बारिश की आशंका जताई है। बिहार और असम में हालत भयावह है और यहां जनजीवन अस्त-व्यक्त हो गया है। वैसे तो इन जगहों पर मॉनसून में ही अधिक बारिश होती है, लेकिन दुनियाभर में कुछ ऐसी जगहें भी हैं जहां साल भर सबसे अधिक बारिश होती है। ऐसे में आइए एक नजर डालते हैं उन जगहों पर।
दुनिया के वे इलाके जहां साल में होती है सबसे अधिक बारिश, भारत की यह जगह है टॉप पर
भारत के उत्तर पूर्व राज्य मेघालय में स्थित मासिनराम में सर्वाधिक बारिश होती है, यही कारण है कि इस जगह का नाम दुनिया में सबसे ज्यादा नमी वाले जगह के तौर पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। इस इलाके में बंगाल की खाड़ी की वजह से काफी ज्यादा नमी रहती है और 1491 मीटर की ऊंचाई वाले खासी पहाड़ियों की बदौलत यह नमी संघनित भी हो जाती है।
यहां औसतन सालाना बारिश 11,871 मिलीमीटर होती है, इतनी बारिश कि रियो डि जेनेरियो स्थित क्राइस्ट की 30 मीटर ऊंची मूर्ति के घुटनों तक पानी भर जाए।
प्यूर्टो लोपाज, टुटेंडो, कोलंबिया
एंडीज पर्वत श्रृंखलाओं के बीच बसे दक्षिण अमेरिका के कोलंबिया शहर के टुटेंडो स्थित प्यूर्टो लोपाज दुनिया में सबसे अधिक नमी वाली जगह है। यहां वर्ष में दो बार बरसात का मौसम आता है। मौसम इतिहासकार क्रिस्टोफर सी बर्ट के मुताबिक कोलंबिया के प्यूर्टो लोपाज में सामान्य तौर पर मासिनराम से ज़्यादा बारिश होती है, हालांकि इसके सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं है लेकिन फिर भी दुनियाभर की तुलना में यहां 11,770 मिलीमीटर की औसत बारिश होती है।
न्यूजीलैंड में यह नदी वाइटकॉम्ब नदी में मिलने से पहले 9 किलोमीटर तक बहती है, लेकिन इस पर पानी और हवा का घनत्व इतना अधिक है कि यह सबसे ज्यादा बरसात के लिए जिम्मेदार है। इसके आसपास के इलाके सबसे ज्यादा नमी वाले क्षेत्र के रूप में जाने जाते हैं। यहां पर 11,516 मिलीमीटर की औसत बारिश होती है। यहां 12 से 13 दिसंबर 1995 में 1,049 मिलीमीटर की बारिश हुई थी।
डेबुंड्स्चा, कैमरून अफ्रीका
मध्य अफ्रीका में कैमरून गणराज्य के माउंट कैमरून पर बसा डेबुंड्स्चा पहाड़ के सबसे ऊंचे हिस्से पर स्थित है। यह इतनी ऊंचाई पर है कि बरसाती बादल पहाड़ और गांव की वजह से रुक जाते हैं, जिसकी वजह से यहां काफी बरसात होती है। यहां औसतन बारिश 10,299 मिलीमीटर की होती है।