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चुनावी राज्यों में भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत, शीर्ष नेताओं ने संभाला मोर्चा
Fri, 26 Feb 2021 03:12 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 26 Feb 2021 03:12 AM IST
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jp nadda, narendra modi, amit shah
- फोटो : PTI
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भाजपा के शीर्ष नेताओं ने बृहस्पतिवार को एक साथ चार चुनावी राज्यों में मोर्चा संभाला। प्रधानमंत्री मोदी ने पुडुचेरी और तमिलनाडु की यात्रा में कई योजनाओं को हरी झंडी दिखाई।
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भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल में ‘लोखो सोनार बांग्ला’ अभियान की शुरुआत कर कई कार्यक्रमों को संबोधित किया। जबकि गृहमंत्री अमित शाह ने असम में दो रैलियों को संबोधित किया। गौरतलब है कि इसी साल इन राज्यों के साथ केरल विधानसभा के भी चुनाव हैं।
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इन चुनावों का केंद्रीय राजनीति पर असर पड़ने की व्यापक संभावनाओं के कारण भाजपा बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है।
भाजपा असम में सत्ता में है, जबकि पार्टी की निगाहें पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में सत्ता हासिल करने व तमिलनाडु के साथ केरल में बड़ी सियासी ताकत बनने की है। इनमें पश्चिम बंगाल की अहमियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व बीते दो महीने से इस राज्य में चुनावी अभियान को धार दे रहा है।
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असम-बंगाल में सीएए को बनाया मुद्दा
असम और पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ रोकने के लिए पार्टी ने सीएए को प्रमुख मुद्दा बनाया है। जबकि अन्य राज्यों में पार्टी हिंदुत्व और विकास को मुद्दा बना रही है। पार्टी पश्चिम बंगाल में ममता सरकार पर लगातार मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगा रही है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ 2 मार्च से यहां मोर्चा संभालने वाले हैं। केरल में पार्टी ने जबरन धर्मांतरण व आतंकवाद को मुद्दा बनाया है।
इस मुद्दे को हाल ही में भाजपा में शामिल हुए मेट्रोमेन ई श्रीधरण ने नई धार दी है। पार्टी पुडुचेरी में अन्नाद्रमुक सहित दो अन्य दलों के साथ सत्ता हासिल करने की कोशिश में जुटी है। जबकि उसे तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक सहित कुछ अन्य दलों के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन से बेहतर लाभ मिलने की उम्मीद है।