{"_id":"5ff2463b8ebc3e419f6b9d6d","slug":"today-will-be-seventh-round-of-talks-between-the-government-and-farmers","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार-किसान बातचीत का सातवां दौर आज, किसी पक्ष के नरम पड़े बगैर नहीं निकलेगा रास्ता","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सरकार-किसान बातचीत का सातवां दौर आज, किसी पक्ष के नरम पड़े बगैर नहीं निकलेगा रास्ता
Mon, 04 Jan 2021 04:03 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 04 Jan 2021 04:03 AM IST
विज्ञापन
आंदोलन कर रहे किसान
- फोटो : अमर उजाला
कृषि कानूनों के विरोध में जारी आंदोलन के बीच सोमवार को सरकार और किसान संगठन सातवीं बार वार्ता की मेज पर होंगे। इस बैठक में तीनों कृषि कानूनों की वापसी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) आधारित खरीद की कानूनी गारंटी संबंधी किसान संगठनों की मांग पर चर्चा होगी।
विज्ञापन
इस बैठक से 48 घंटे पूर्व ही किसान संगठनों ने अपनी मांग पर डटे रहने का साफ संदेश दिया है, जबकि सरकार ने सातवें दौर की वार्ता के संबंध में अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक सरकार तीनों कानूनों की वापसी की मांग को स्वीकार नहीं करेगी। जबकि एमएसपी पर कानूनी गारंटी देने संबंधी मांग पर विचार के लिए फिर से एक समिति के गठन का प्रस्ताव रखेगी।
विज्ञापन
उक्त सूत्र के मुताबिक किसानों की मांग के कई पक्ष होने के कारण इसे सीधे स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसके लिए व्यापक विचार विमर्श की जरूरत पड़ेगी। हालांकि किसान संगठन इस आशय के प्रस्ताव को छठे दौर की बैठक में ही ठुकरा चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट पर भी सरकार की नजर
इस मामले को सुलझाने के लिए सरकार की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर भी है। सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते संभवतऱ् पांच जनवरी को इस मामले की फिर से सुनवाई करेगी। इससे पहले हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने वार्ता पर जोर दिया था।
इसके अलावा बातचीत जारी रखने तक कानून पर अस्थाई रोक का भी सुझाव दिया था। सरकार को लगता है कि इस सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत के जरिए इस विवाद में बीच का रास्ता निकल सकता है।
एक पक्ष झुके तभी बनेगी बात
मुख्य पेंच कानून वापसी और एमएसपी पर कानूनी गारंटी पर फंसा है। किसानों ने पीछे न हटने की घोषणा कर विवाद सुलझाने की गेंद सरकार के पाले में डाल दी है। सरकार ने अब तक इस मामले में पीछे हटने का संदेश नहीं दिया है। जबकि समाधान किसी एक पक्ष के झुकने से निकलेगा।
एक और दौर की बातचीत पर बन सकती है सहमति
हालांकि यह करीब-करीब तय है कि सोमवार की बैठक में विवाद का अंतिम हल नहीं निकलेगा। हालांकि सरकार नहीं चाहती कि वार्ता में डेडलॉक पैदा हो। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच वार्ता के एक और दौर पर सहमति बन सकती है।
किसानों की मौत से सरकार में चिंता
आंदोलन के दौरान आत्महत्या, ठंड और दुर्घटनाओं में पांच दर्जन से अधिक किसानों की मौत से सरकार चिंतित है। इस बीच भीषण ठंड और बारिश के बीच किसानों के आंदोलन स्थल पर डटे रहने से सरकार विपरीत धारणा बनने को ले कर भी आशंकित है।
किसान इस आंदोलन को अपने दिल पर ले गया है: राकेश टिकैत
भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आज की बैठक को लेकर कहा कि सरकार से कई मुद्दों पर बात होनी है। सरकार को समझना चाहिए, किसान इस आंदोलन को अपने दिल पर ले गया है और कानूनों को निरस्त करने से कम पर नहीं समझेगा। स्वामीनाथन की रिपोर्ट को लागू करना चाहिए और MSP पर कानून बनाना चाहिए।
Many issues are to be discussed. Govt must understand, the farmer has taken this movement to his heart & won't consider less than the laws' repeal. Govt should implement Swaminathan's report & make law on MSP: Rakesh Tikait, Spokesperson, BKU, on today's meeting with Central govt pic.twitter.com/wrd0Eitk1R
— ANI (@ANI) January 4, 2021