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Earth Hour Day 2021: आज 'अंधेरे' से 'रोशन' होगी दुनिया, रात साढ़े आठ बजे एक घंटे के लिए बंद की जाएंगी लाइटें
Sat, 27 Mar 2021 01:36 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sat, 27 Mar 2021 01:36 PM IST
सार
- आज अर्थ ऑवर दिवस का आयोजन किया जाएगा
- दुनिया भर के लोग एक घंटे के लिए गैर-जरूरी लाइटें बंद करेंगे
- साल 2007 में इस दिन की हुई थी शुरुआत
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अर्थ ऑवर डे 2021 (सांकेतिक तस्वीर)
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विस्तार
आज पूरी दुनिया में अर्थ ऑवर डे मनाया जाएगा, यानी आज के दिन एक घंटे के लिए दुनिया भर के लोग लाइटें बंद करेंगे और धरती की बेहतरी की कामना करेंगे। बता दें कि हर साल मार्च महीने के अंतिम शनिवार के दिन इसे मनाया जाता है। इस मौके पर दुनिया के 180 से ज्यादा देशों के लोग 8.30 बजे से 9.30 बजे तक अपने घरों की लाइटें बंद करके ऊर्जा की बचत करते हैं।
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इस दिन जश्न की शुरुआत कैसे हुई?
अर्थ ऑवर डे की शुरुआत वन्यजीव और पर्यावरण संगठन वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर ने साल 2007 में की थी। 31 मार्च 2007 को पहली बार अर्थ ऑवर दिवस मनाया गया था। पहली बार इसका आयोजन ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में किया गया था। उस समय लोगों से 60 मिनट के लिए लाइट बंद करने के लिए कहा गया था और धीरे-धीरे इस दुनियाभर में मनाए जाने लगा।
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इसका मुख्य उद्देश्य उर्जा की बचत और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरुक करना था। वर्ल्ड वाइड फंड का मुख्य उद्देश्य प्रकृति को होने वाले नुकसान को रोकना और इंसान के भविष्य को बेहतर बनाना है।
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भारत में कैसे हुई शुरुआत ?
दुनिया भर में अर्थ ऑवर डे के मौके पर लोगों से अपील की जाती है कि वो मात्र एक घंटे के लिए अपने घरों और कार्यालयों पर गैर जरूरी लाइटों और बिजली से चलने वाले उपकरणों को निर्धारित समय तक बंद रखें। भारत में इसकी शुरुआत साल 2009 में हुई थी। इसमें 58 शहरों में 50 लाख लोगों ने हिस्सा लिया था। इसके बाद साल 2010 में 128 शहरों के 70 लाख लोगों ने इस अभियान में हिस्सा लिया था और बाद में ये सिलसिला बढ़ता चला गया।
दिल्ली के लोगों ने साल 2018 में सबसे ज्यादा 305 मेगावाट बिजली बचाई थी। वहीं साल 2020 में 79 मेगावाट बिजली बचाई गई थी।
इन ऐतिहासिक इमारतों पर बंद होती हैं लाइटें
पेरिस के एफिल टावर, न्यूयॉर्क की एम्पायर स्टेट बिल्डिंग, दुबई का बुर्ज खलीफा और एथेंस में एक्रोपोलिस उन 24 वैश्विक जगहों में से एक है, जो हर साल अर्थ ऑवर दिवस में हिस्सा लेते हैं। भारत में इस दौरान, राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, इंडिया गेट समेत कई ऐतिहासिक इमारतों की लाइटें बंद की जाती हैं।