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Hindi News ›   India News ›    Today Supreme Court To Hear The Petition Filed on PNB scam case

पीएनबी घोटाले को लेकर दायर याचिका पर आज सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

Wed, 21 Feb 2018 01:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 21 Feb 2018 01:55 AM IST
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 Today Supreme Court To Hear The Petition Filed on PNB scam case
सुप्रीम कोर्ट

11500 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले में उच्च प्रबंधन की भूमिका की जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर सुनवाई करेगा। 

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चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष इस याचिका का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई की गुहार की गई। पीठ ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए बुधवार को सुनवाई करने का निर्णय लिया है। मालूम हो कि पीएनबी घोटाले को लेकर दो याचिकाएं दायर की गई है। एक याचिका वकील विनित ढांडा जबकि दूसरी याचिका वकील एमएल शर्मा की ओर से दायर की गई हैं। 
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वकील विनित ढांडा की याचिका में पीएनबी के उच्च प्रबंधन की भूमिका की जांच करने की गुहार की गई है। साथ ही याचिका में गुहार की गई है कि सरकार को नीरव मोदी समेत इस घोटाले से जुड़े अन्य लोगों केखिलाफ प्रत्यर्पण की कारवाई शुरू करने का निर्देश दिया जाए और यह काम दो महीने के भीतर हो जाए। याचिका में यह भी कहा गया है कि वित्त मंत्रालय को निर्देश दिया जाना चाहिए कि वह ऊंची राशि केलोन को लेकर एक दिशानिर्देश बनाए। 
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10 करोड़ और उससे अधिक केलोन को लेकर वित्त मंत्रालय और रिजर्ब बैंक को दिशानिर्देश बनाने का निर्देश दिया जाए, जिससे लोन वसूली सुनिश्चित की जा सके। इसकेअलावा याचिका में यह भी कहा गया है कि विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाई जानी चाहिए जो देश में बैड लोन की विस्तृत जानकारी इकट्ठा करें। डिफॉल्टरों से एक नियत समय के भीतर लोन वसूली का नियम बनाना चाहिए। उनकी संपत्तियों को जब्त कर उनकी नीलामी की जानी चाहिए।

 डिफॉल्ट होने की स्थिति लोन की संस्तुति देने वाले बैंक अधिकारियों से वसूली होनी चाहिए। डिफॉल्टरों का पासपोर्ट तत्काल जब्त कर लिया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने अपनी याचिका में यह भी कहा कि सरकार को 500 करोड़ से अधिक लोन लेने वालों की सूची जारी करने का निर्देश दिया जाना चाहिए। 


वहीं वकील एमएल शर्मा ने अपनी याचिका में कहा है कि अदालत की निगरानी में इस मामले की एसआईटी जांच कराई जाए। सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जजों को एसआईटी में शामिल किया जाना चाहिए। 

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