न्यूज अपडेट्स: सिक्किम में एनएच 10 पर यातायात प्रतिबंधित; तमिलनाडु में पूर्व मंत्री के ठिकानों पर छापेमारी
सिक्किम में राष्ट्रीय राजमार्ग-10 (NH-10) के रंगपो से रानीपूल के बीच सड़क पर आपातकालीन कार्यों के चलते 29 अक्टूबर से 4 नवंबर तक हर रात आठ घंटे यातायात प्रतिबंधित रहेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह प्रतिबंध रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू होगा। इस दौरान सड़क पर दोतरफा यातायात व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु बनाने के लिए आवश्यक कार्य किए जाएंगे।
वैकल्पिक मार्गों से गुजरेंगे वाहन
प्रतिबंध के दौरान हल्के मोटर वाहनों को रंगपो-दुगा-पेंडम-सिंगताम मार्ग या मामरिंग-नामथांग-सिंगताम-गंगटोक मार्ग से जाने की सलाह दी गई है। वहीं, सभी श्रेणी के वाहनों के लिए रंगपो-रोराथांग-पाक्योंग-गंगटोक मार्ग को वैकल्पिक रास्ते के रूप में सुझाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, जिला प्रशासन से इन वैकल्पिक मार्गों पर यातायात नियंत्रण के आवश्यक इंतजाम करने का अनुरोध किया गया है, ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारु बनी रहे।
इसरो कल लॉन्च करेगा अगली पीढ़ी का नेविगेशन सैटेलाइट एनवीएस-03
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार के जनादेश पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट से पिछली निर्वाचित सरकार को बहाल करने और छह महीने के भीतर नए चुनाव कराने की मांग की है। यह बयान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद आया। अदालत ने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में मतदाताओं के विवरण की जांच के लिए चुनाव आयोग द्वारा ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ श्रेणी के इस्तेमाल की वैधता पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि बिहार में SIR मामले में दिया गया फैसला इस प्रक्रिया से जुड़े सभी सवालों का अंतिम निपटारा नहीं था। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाए गए सभी पात्र मतदाताओं के नाम बहाल किए जाने चाहिए। हालांकि, अदालत ने बंगाल में सरकार की वैधता पर ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है।
गुवाहाटी गोलीबारी कांड के आरोपी के एनकाउंटर का डर
गुवाहाटी की एक अदालत ने असम पुलिस को 26 अक्तूबर को 'होटल बिलास इन' गोलीबारी के मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इस गोलीबारी में पांच लोगों की मौत हो गई थी और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया था। अदालत ने गोगोई के वकील द्वारा हिरासत में संभावित हिंसा की आशंका जताए जाने के बाद यह निर्देश जारी किए हैं। गोगोई के वकील द्वारा आरोपी के साथ दुर्व्यवहार या मुठभेड़ की आशंका व्यक्त करने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने कई सुरक्षा उपाय जारी किए।
अदालत ने क्या निर्देश दिए?
अदालत के निर्देशों के अनुसार, पुलिस को आरोपी को प्रताड़ित नहीं करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पूछताछ के दौरान उसे पर्याप्त भोजन, पीने का पानी और अन्य बुनियादी जरूरतें मिलें। अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि गोगोई की हर 24 घंटे में चिकित्सा जांच कराई जाए और पुलिस को हिरासत में उसकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षा, विशेष रूप से रात के समय, प्रदान करने का निर्देश दिया है। सुरक्षा उपायों के तहत पुलिस को सूर्योदय से पहले या सूर्यास्त के बाद गोगोई को हिरासत से बाहर ले जाने पर रोक लगा दी गई है।
आदेश के अनुसार, अगर पूछताछ या साक्ष्य जुटाने के लिए उसे हिरासत से बाहर ले जाना जरूरी हो, तो पुलिस उपाधीक्षक रैंक के एक अधिकारी का उसके साथ होना जरूरी है। अदालत ने चेतावनी दी कि अगर आरोपी हिरासत से फरार हो जाता है तो पुलिसकर्मियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। जांच अधिकारी को डीके बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य मामले में सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों का पालन करने का भी निर्देश दिया गया है, जिनमें हिरासत में दुर्व्यवहार से बचाव के उपाय बताए गए हैं।
34 वर्षीय गोगोई को गुवाहाटी के लचित नगर इलाके में स्थित होटल बिलास इन में गोलीबारी के कुछ घंटों बाद 26 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 27 अक्तूबर को सीजेएम अदालत में पेश किया गया और सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, गोलीबारी होटल के पट्टे के समझौते को लेकर हुए विवाद के कारण हुई थी। संपत्ति संबंधी विवाद को सुलझाने के लिए आयोजित बैठक से पहले यह असहमति कथित तौर पर बढ़ गई थी। गोगोई के वकील ने दावा किया है कि उनके मुवक्किल ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और गोलीबारी से संबंधित परिस्थितियों की जांच जारी है।
तमिलनाडु में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (DVAC) ने गुरुवार को पूर्व मंत्री और डीएमके नेता केएन नेहरू से जुड़े राज्यभर के 25 ठिकानों पर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। यह कार्रवाई नगर प्रशासन एवं जल आपूर्ति (MAWS) विभाग में कथित 634 करोड़ रुपये के नौकरी के बदले नकदी घोटाले के सिलसिले में की गई है। मद्रास हाईकोर्ट के हालिया निर्देश के बाद नेहरू और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अक्टूबर 2025 में इस मामले में कथित अनियमितताओं की जानकारी राज्य पुलिस को दी थी, जिसके आधार पर हाईकोर्ट ने विस्तृत जांच का आदेश दिया।
नियुक्तियों के बदले रिश्वत लेने के आरोप, सुप्रीम कोर्ट पहुंचे नेहरू
जांच एजेंसी के अनुसार, मामले में आरोप है कि नेहरू के मंत्री रहते MAWS विभाग में सरकारी पदों पर नियुक्ति दिलाने के बदले अभ्यर्थियों से व्यवस्थित तरीके से रिश्वत वसूली गई। DVAC के अधिकारी तलाशी वाले ठिकानों पर दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य सामग्रियों की जांच कर रहे हैं, ताकि कथित धन के लेन-देन का पता लगाने के साथ भर्ती प्रक्रिया से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा सकें। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब नेहरू ने मद्रास हाईकोर्ट के 26 अक्टूबर के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के खिलाफ उनकी पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी।
कोझिकोड में मछली पकड़ने वाली नाव में लगी आग
केरलम के कोझिकोड में गुरुवार सुबह पुराने फारूक पुल के नीचे खड़ी मछली पकड़ने वाली नाव ‘आरजे’ के इंजन और ईंधन टैंक में आग लग गई। दमकल एवं बचाव सेवा के अधिकारियों के अनुसार, आग लगने से नाव को बांधने वाली रस्सी जलकर टूट गई, जिससे नाव बहकर पुल के नीचे पहुंच गई और आग बुझाने में मुश्किलें आईं। दमकल विभाग ने दो अग्निशमन वाहन तैनात किए, जिनमें से एक पुल पर खड़ा कर पानी का छिड़काव किया गया। हालांकि, नाव के लगातार बहने के कारण अभियान प्रभावित हुआ। इसके बाद दो अधिकारी रस्सियां लेकर नदी में उतरे, तैरकर जलती नाव तक पहुंचे और उसे सुरक्षित बांधा। अन्य कर्मियों की मदद से नाव को किनारे खींचा गया। इसके बाद चालक दल ने नाव से एलपीजी सिलेंडर बाहर निकाला और फ्लोट पंप की मदद से पानी डालकर आग पूरी तरह बुझा दी गई। अधिकारियों को आशंका है कि आग इंजन से शुरू हुई थी, हालांकि इसकी वास्तविक वजह की पुष्टि जांच के बाद होगी। समय रहते की गई कार्रवाई से आग नाव के इंजन वाले हिस्से तक ही सीमित रही। दमकल अभियान के दौरान पुलिस ने पुल पर यातायात नियंत्रित किया।
केरलम के कोझिकोड में राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में छात्रों को परोसे गए भोजन में कीड़े मिलने का कथित तौर पर झूठा दावा करने के आरोप में गुरुवार को एक शारीरिक शिक्षा शिक्षक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान एर्नाकुलम जिले के एक व्यावसायिक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत जिजो जेम्स के रूप में हुई है। एनआईटी कोझिकोड मैदान में आयोजित इस प्रतियोगिता में सामान्य शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों के छात्र हिस्सा ले रहे हैं। जेम्स ने बुधवार को फेसबुक पोस्ट के जरिए भोजन में कीड़े मिलने का आरोप लगाया था, जिसके बाद छात्र संगठन एसएफआई ने विरोध मार्च निकाला। आयोजकों की जांच में यह आरोप गलत पाया गया। खेलकूद प्रतियोगिता के संयोजक पीके अरविंदन की शिकायत पर कुन्नमंगलम पुलिस ने दंगा भड़काने के इरादे से उकसावा देने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया। अधिकारियों के मुताबिक, शिक्षक ने शाम तक अपनी सोशल मीडिया पोस्ट हटा दी थी। पुलिस ने उसे हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार कर लिया। मामला जमानती धारा के तहत दर्ज होने के कारण उसे जमानत पर रिहा किए जाने की संभावना है। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे जांच जारी है।