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कोलकाता भगदड़: पुलिस का दावा- बारिश से बचने के लिए महिलाओं ने एग्जिट गेट पर लगाई भीड़, जो बनी हादसे की वजह
Thu, 29 Oct 2026 11:14 AM IST
पवन पांडेय
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 29 Oct 2026 11:14 AM IST
सार
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्तूबर को हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत के मामले में शुरुआती जांच में सामने आया है कि बारिश से बचने और कपड़े-मेकअप खराब होने के डर से कई महिलाएं निकास द्वार पर जमा हो गई थीं। भीड़ बढ़ने से धक्का-मुक्की हुई और लोग गिरने लगे। मामले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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कोलकाता भगदड़ मामले में खुलासा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की शुरुआती जांच में सामने आया है कि बारिश से बचने के लिए कई महिलाएं निकास द्वार के पास जमा हो गई थीं। कपड़े और मेकअप खराब होने के डर से कुछ महिलाएं पंडाल से बाहर निकलने में हिचकिचा रही थीं। इसी दौरान भीड़ बढ़ने से धक्का-मुक्की शुरू हो गई और भगदड़ मच गई। इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस अधिकारी ने बुधवार को बताया कि यह घटना 17 अक्तूबर को शाम करीब 7:30 बजे उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई थी। अचानक बारिश शुरू होने के बाद निकास द्वार के पास भीड़ बढ़ने लगी। लोग एक-दूसरे को धक्का देने लगे, जिससे कई लोग गिर पड़े। पुलिस के मुताबिक, सबसे पहले एक व्यक्ति निकास द्वार से करीब 11 फीट की दूरी पर गिरा था।
भीड़ संभालने में चूक की जांच
कोलकाता पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि पंडाल में भीड़ को नियंत्रित करने के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। यह भी देखा जा रहा है कि मौके पर महिला स्वयंसेवकों और पुलिसकर्मियों की पर्याप्त तैनाती की गई थी या नहीं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि निकास द्वार पर भीड़ बढ़ने की सूचना प्रशासन तक समय पर पहुंची थी या नहीं। जांच में यह भी शामिल है कि अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल में देरी तो नहीं हुई।
सुरक्षा एजेंसी के रेडियो सिस्टम की भी जांच
पंडाल के आयोजकों ने सुरक्षा के लिए एक एजेंसी तैनात की थी। इस एजेंसी के पास 'मैनपैक' नाम का पोर्टेबल रेडियो संचार उपकरण था। पुलिस जांच कर रही है कि घटना के समय एजेंसी के कर्मचारी कहां तैनात थे, उन्हें भीड़ बढ़ने की जानकारी मिली थी या नहीं और सूचना मिलने के बाद उन्होंने क्या कदम उठाए।
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अब तक नौ गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें दो ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिन पर कथित तौर पर यह घोषणा कर अफरा-तफरी फैलाने का आरोप है कि पंडाल का एक हिस्सा गिर रहा है। पुलिस इन लोगों की आवाज के नमूने लेने के लिए अदालत से अनुमति मांग सकती है। जांच के तहत पंडाल के कलाकार से भी पूछताछ की गई है। पुलिस का कहना है कि हादसे के कारणों और सुरक्षा इंतजामों में संभावित चूक का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
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भीड़ संभालने में चूक की जांच
कोलकाता पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि पंडाल में भीड़ को नियंत्रित करने के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। यह भी देखा जा रहा है कि मौके पर महिला स्वयंसेवकों और पुलिसकर्मियों की पर्याप्त तैनाती की गई थी या नहीं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि निकास द्वार पर भीड़ बढ़ने की सूचना प्रशासन तक समय पर पहुंची थी या नहीं। जांच में यह भी शामिल है कि अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल में देरी तो नहीं हुई।
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सुरक्षा एजेंसी के रेडियो सिस्टम की भी जांच
पंडाल के आयोजकों ने सुरक्षा के लिए एक एजेंसी तैनात की थी। इस एजेंसी के पास 'मैनपैक' नाम का पोर्टेबल रेडियो संचार उपकरण था। पुलिस जांच कर रही है कि घटना के समय एजेंसी के कर्मचारी कहां तैनात थे, उन्हें भीड़ बढ़ने की जानकारी मिली थी या नहीं और सूचना मिलने के बाद उन्होंने क्या कदम उठाए।
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अब तक नौ गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें दो ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिन पर कथित तौर पर यह घोषणा कर अफरा-तफरी फैलाने का आरोप है कि पंडाल का एक हिस्सा गिर रहा है। पुलिस इन लोगों की आवाज के नमूने लेने के लिए अदालत से अनुमति मांग सकती है। जांच के तहत पंडाल के कलाकार से भी पूछताछ की गई है। पुलिस का कहना है कि हादसे के कारणों और सुरक्षा इंतजामों में संभावित चूक का पता लगाने के लिए जांच जारी है।