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राजनीति: सीईसी के खिलाफ विपक्ष की क्या तैयारी? चलो दिल्ली मार्च से पहले खरगे के आवस पर इंडिया ब्लॉक का मंथन
Thu, 29 Oct 2026 11:51 AM IST
पवन पांडेय
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 29 Oct 2026 11:51 AM IST
सार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर गुरुवार को इंडिया गठबंधन के नेताओं की अहम रणनीतिक बैठक हुई। इसमें प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्ष के कई नेता शामिल हुए। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 30 अक्तूबर को प्रस्तावित ‘जनता का महाभियोग’ कार्यक्रम और आगे के आंदोलन की रणनीति पर चर्चा हुई।
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इंडिया गठबंधन की बैठक
- फोटो : ANI
विस्तार
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी गठबंधन की ओर से प्रस्तावित ‘जनता का महाभियोग’ कार्यक्रम को लेकर गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी नेताओं की बैठक हुई। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेता बैठक में शामिल होने पहुंचे।
वहीं, इस दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को छिपाने का आरोप लगाया। गोगोई ने पत्रकारों से कहा कि भाजपा कथित अनियमितताओं की सच्चाई सामने आने से रोकने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष दिल्ली आकर जनता के सामने यह मुद्दा उठाना चाहता है कि कथित गड़बड़ियां कैसे हुईं और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।
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30 अक्तूबर को होगा कार्यक्रम
कांग्रेस नेता जयराम रमेश के मुताबिक, विपक्षी गठबंधन 30 अक्तूबर को दोपहर 3:30 बजे नई दिल्ली में खरगे के आवास, 10 राजाजी मार्ग पर ‘जनता का महाभियोग’ कार्यक्रम आयोजित करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने संविधान की भावना का उल्लंघन किया है और चुनावी लोकतंत्र को कमजोर किया है। ये विपक्ष के आरोप हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी विरोध कर रहे हैं। विपक्ष चुनावी अनियमितताओं और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की आशंकाओं पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहा है।
एक नवंबर को रामलीला मैदान में रैली
विपक्षी दलों ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली करने की भी तैयारी की है। माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि आने वाले दिनों में विपक्ष का आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने कहा कि एक नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली होगी, जिसके बाद भी विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि लोकतंत्र में प्रतीकात्मक विरोध का महत्व है। उनके मुताबिक, जब विपक्ष को संसद में अपने मुद्दे उठाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलता, तो जनता तक अपनी बात पहुंचाने के लिए दूसरे तरीकों का सहारा लेना पड़ता है।
रैली के लिए दिल्ली पुलिस की एनओसी
दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था के लिहाज से एक नवंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) दिया है। हालांकि, इसके लिए जमीन के मालिकाना हक वाली एजेंसी से अनुमति लेना और तय शर्तों का पालन करना जरूरी होगा। रैली सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रस्तावित है। पुलिस ने रात में कार्यक्रम स्थल पर रुकने पर रोक समेत कई शर्तें रखी हैं। इससे पहले विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान मध्य दिल्ली में 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। विपक्ष ने कहा है कि चुनाव आयोग की जवाबदेही तय होने तक उसका आंदोलन जारी रहेगा।
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#WATCH | Delhi: INDIA bloc leaders hold a meeting at the residence of Congress President Mallikarjun Kharge, ahead of Nov 1 INDIA bloc rally at Ramlila Maidan. https://t.co/kCdee4Ot9t
— ANI (@ANI) October 29, 2026विज्ञापन
वहीं, इस दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को छिपाने का आरोप लगाया। गोगोई ने पत्रकारों से कहा कि भाजपा कथित अनियमितताओं की सच्चाई सामने आने से रोकने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष दिल्ली आकर जनता के सामने यह मुद्दा उठाना चाहता है कि कथित गड़बड़ियां कैसे हुईं और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।
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30 अक्तूबर को होगा कार्यक्रम
कांग्रेस नेता जयराम रमेश के मुताबिक, विपक्षी गठबंधन 30 अक्तूबर को दोपहर 3:30 बजे नई दिल्ली में खरगे के आवास, 10 राजाजी मार्ग पर ‘जनता का महाभियोग’ कार्यक्रम आयोजित करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने संविधान की भावना का उल्लंघन किया है और चुनावी लोकतंत्र को कमजोर किया है। ये विपक्ष के आरोप हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी विरोध कर रहे हैं। विपक्ष चुनावी अनियमितताओं और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की आशंकाओं पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहा है।
एक नवंबर को रामलीला मैदान में रैली
विपक्षी दलों ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली करने की भी तैयारी की है। माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि आने वाले दिनों में विपक्ष का आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने कहा कि एक नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली होगी, जिसके बाद भी विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि लोकतंत्र में प्रतीकात्मक विरोध का महत्व है। उनके मुताबिक, जब विपक्ष को संसद में अपने मुद्दे उठाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलता, तो जनता तक अपनी बात पहुंचाने के लिए दूसरे तरीकों का सहारा लेना पड़ता है।
रैली के लिए दिल्ली पुलिस की एनओसी
दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था के लिहाज से एक नवंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) दिया है। हालांकि, इसके लिए जमीन के मालिकाना हक वाली एजेंसी से अनुमति लेना और तय शर्तों का पालन करना जरूरी होगा। रैली सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रस्तावित है। पुलिस ने रात में कार्यक्रम स्थल पर रुकने पर रोक समेत कई शर्तें रखी हैं। इससे पहले विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान मध्य दिल्ली में 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। विपक्ष ने कहा है कि चुनाव आयोग की जवाबदेही तय होने तक उसका आंदोलन जारी रहेगा।