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कोरोनावायरस के खिलाफ भारत और अमेरिका की सबसे बड़ी लड़ाई, इन संस्थानों में हो रहा परिक्षण
Thu, 26 Mar 2020 12:08 PM IST
श्रीधर मिश्रा
नेश्नल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
नेश्नल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Thu, 26 Mar 2020 12:08 PM IST
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नरेंद्र मोदी-डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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कोरोनावायरस दुनियाभर के देशों में कहर बन कर गिरा है। इस महामारी से अब तक 20,000 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में अब कोरोनावायरस का मुकाबला करने के लिए भारत और अमेरिका एक साथ काम कर रहे हैं। इस वायरस के निदान और उपचार को लेकर ये दोनों ही देश एक साथ मेहनत कर रहे हैं।
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जॉन्स हॉपकिन्स कोरोनावायरस ट्रैकर के मुताबिक चीन के वुहान शहर से शुरु हुआ यह वायरस अब महामारी का रूप ले चुका है। कोरोनोवायरस से दुनियाभर में 471,518 लोग संक्रमित हैं। वहीं, इस खतरनाक वायरस से अब तक 21,293 लोगों की मौत हो चुकी है।
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ऐसे में अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि COVID-19 महामारी के मौजूदा हालातों को देखते हुए अमेरिका और भारत इसके निदान और उपचार के क्षेत्र में एक साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हेल्थकेयर सेक्टर में काफी लंबे समय से प्रभावी साझेदारी रही है। अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों के बीच यह साझेदारी और भी खास हो जाती है।
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हेल्थकेयर क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी के तहत, अमेरिका में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज ने गुड़गांव में ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंस टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट के साथ जरूरी रीएजेंट्स को साझा किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच हुई इस साझेदारी से कोरोनावायरस के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिल सकती है। ऐसे में अमेरिकी कंपनियों के भारत-आधारित विक्रेता 'भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद' के संपर्क में है ताकी भारत में COVID-19 परीक्षण को बढ़ाने में मदद मिल सके।
वहीं, इस पूरे मामले पर दक्षिण और मध्य एशिया के सहायक विदेश मंत्री ऐलिस जी वेल्स ने एक ट्वीट किया है। इस ट्वीट में उन्होंने कहा है कि COVID19 के कहर से मुकाबले के लिए अमेरिका और भारत एक साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे। ऐसे में दोनों देशों के सहयोग से हम अपने नागरिकों और लोगों को हर जगह सुरक्षित कर सकेंगे। उन्होंने आगे कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका भारत के साथ एकजुट खड़ा है और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के फाइटिंग स्पिरिट को और मजबूत कर रहा है।