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जजों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने में हाईकोर्ट ने की देरी: केंद्र सरकार

Thu, 15 Sep 2016 06:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 15 Sep 2016 06:53 AM IST
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To begin the process of appointment of judges in the High Court by delay
सजा सुनने के बाद भाग - फोटो : amar ujala

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि जजों की नियुक्ति को लेकर कोई अड़चन या रोड़ा नहीं है। सरकार ने बुधवार को अदालत में कहा कि विभिन्न हाईकोर्ट की ओर से ही नियुक्ति की प्रक्रिया देरी से शुरू की गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट में बड़ी संख्या में पद खाली हैं, लेकिन वहां नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने में न्यायपालिका को नौ साल का समय लग गया।

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हालांकि सरकार ने साफ किया कि वह किसी पर दोषारोपण नहीं कर रही है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर कॉलेजियम ने जजों की नियुक्ति से संबंधित नामों को हरी झंडी दे दी हो तो उसके बाद देरी नहीं होनी चाहिए।
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जजों की कमी और जजों की नियुक्ति में भारी विलंब को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि सरकार की ओर से कोई अड़चन नहीं है। नियुक्ति संबंधी फाइलों को क्लीयर किया जा रहा है।
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अटॉर्नी जनरल ने कहा कि यह एक तरह की दौड़ है। अगर आप वक्त पर दौड़ लगाना शुरू करते हैं तो ही आप समय पर पहुंच पाएंगे। उन्होंने कहा कि विभिन्न हाईकोर्ट की ओर से ही पांच-छह वर्षों से खाली पड़े पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया देरी से शुरू हुई। हालांकि अटॉर्नी जनरल ने कहा कि वह किसी पर आरोप नहीं लगा रहे हैं, लेकिन अगर प्रस्ताव में सालों की देरी हो तो समस्या आ जाती है।

​सीलबंद लिफाफों में सौंपा ब्योरा

To begin the process of appointment of judges in the High Court by delay

इस पर पीठ ने कहा कि सिफारिश भेजना कठिन प्रक्रिया है। कई तरह की जांच के बाद ये नाम सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के पास आते हैं। पीठ ने कहा कि अगर कॉलेजियम नामों को हरी झंडी दे देता हो तो सरकार को उसमें देरी नहीं करनी चाहिए। पीठ ने यह भी कहा कि अगर सरकार को किसी नाम पर आपत्ति है तो वह कॉलेजियम को दोबारा उन नामों पर विचार करने के लिए कहे, लेकिन इस प्रक्रिया में देरी न हो। किसी भी स्थिति में प्रक्रिया में रुकावट न आए।

अटॉर्नी जनरल ने पीठ को बताया कि छत्तीसगढ़, केरल और मद्रास हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति को हरी झंडी मिल गई है और इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए भेजे गए नामों को भी जल्द ही हरी झंडी मिल जाएगी। मालूम हो कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जजों की नियुक्तियों में अड़चन बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सरकार ने दो सीलबंद लिफाफों में कॉलेजियम की सिफारिश संबंधी फाइलों की मौजूदा स्थिति का ब्योरा सुप्रीम कोर्ट को सौंपा है। अटॉर्नी जनरल ने पीठ से बेहद सावधानी से रिपोर्ट को पढ़ने का आग्रह किया है। अटॉर्नी जनरल ने पीठ से कहा कि सीलबंद लिफाफों में कॉलेजियम की तमाम सिफारिशों का ब्योरा और उसकी वर्तमान स्थिति के बारे में पूरी जानकारी है। पीठ ने कहा कि वह सीलबंद लिफाफों पर गौर करेगी। अगली सुनवाई 30 सितंबर निर्धारित की गई है।

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