फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   TN stampede shows evidence of 'security lapse' at TVK meeting, claims AIADMK gen secy

Tamil Nadu: 'सुरक्षा में चूक और बिजली गुल होने से मची रैली में भगदड़', AIADMK महासचिव पलानीस्वामी का दावा

Sun, 28 Sep 2025 12:25 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करूर (तमिलनाडु)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करूर (तमिलनाडु) Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 28 Sep 2025 12:25 PM IST
सार

Tamil Nadu: तमिलनाडु के करूर में टीवीके की रैली में हुई भगदड़ को पूर्व मुख्यमंत्री ई.के. पलानीस्वामी ने पुलिस-प्रशासन की सुरक्षा में चूक बताया। उन्होंने कहा कि बिजली गुल होने और भीड़ नियंत्रित न होने के कारण यह हादसा हुआ, जिसे सावधानी से टाला जा सकता था। पलानीस्वामी ने सरकार पर पक्षपात और विपक्ष को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया।

विज्ञापन
TN stampede shows evidence of 'security lapse' at TVK meeting, claims AIADMK gen secy
ईके पलानीस्वामी - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर को तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) की रैली के दौरान हुई भगदड़ को लेकर अन्नाद्रमुक महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री ई.के. पलानीस्वामी ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस दर्दनाक हादसे की वजह साफ तौर पर सुरक्षा में चूक है। हादसे में 39 लोगों की मौत हो गई और 51 लोग घायल हो गए। 
विज्ञापन

पलानीस्वामी ने कहा कि अगर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने पहले से सावधानी बरती होती तो इस खौफनाक हादसे को टाला जा सकता था। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर कहा कि अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके की रैली के दौरान बिजली गुल हो गई, जिससे वहां भ्रम की स्थिति बनी और भगदड़ मच गई। उन्होंने यह भी कहा कि टीवीके ने अब तक चार रैलियां की हैं। ऐसे में उसे सुरक्षा इंतजामों को लेकर पहले से तैयार रहना चाहिए था। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: 'मन की बात' का 126वां एपिसोड जारी, PM ने स्वदेशी अपनाने पर दिया जोर; लता मंगेशकर को दी श्रद्धांजलि
विज्ञापन
विज्ञापन


पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस को पिछली रैलियों में जुटी भीड़ और करूर की स्थिति को देखकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए थी। सरकार और टीवीके नेतृत्व को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए था। पलानीस्वामी ने करूर के सरकारी अस्पताल में घायलों से मुलाकात की और उनका हाल जाना। उन्होंने कहा कि एक राजनेता को भीड़ पर नजर रखनी चाहिए और किसी भी चूक को तुरंत सुधारना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि जनता रैलियों में इस भरोसे के साथ आती है कि पार्टी, सरकार और पुलिस उनकी सुरक्षा ध्यान रखेंगे। इतने लोगों की जान चली गई। यह बहुत ही दुखद और चौंकाने वाली घटना है। उन्होंने हा कि राज्य की दूसरी राजनीतिक पार्टियों की रैलियों में ऐसा कभी नहीं हुआ। 


ये भी पढ़ें: 'हम मदद के लिए चिल्लाए, लेकिन कोई हिल भी नहीं पाया'; करूर भगदड़ में बाल-बाल बचे लोगों ने सुनाई आपबीती

पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि जब उनकी सरकार थी, तब राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान सभी जरूरी एहतियात बरते जाते थे। लेकिन अब की सरकार और पुलिस निष्पक्ष नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस एक तरफ सत्तारूढ़ द्रमुक के कार्यक्रमों में पूरी सुरक्षा देती है। लेकिन विपक्ष को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ता है। 

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का फर्ज बनता है कि वह पीड़ितों से मिलने अस्पताल जाएं और राहत की घोषणा करें। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने भगदड़ रोकने के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं किए और पुलिस बिल्कुल निष्क्रिय रही।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed