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Bharat Ratna: 'पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन को मिले भारत रत्न', TMC नेता साकेत गोखले ने रखी मांग
Tue, 18 Mar 2025 09:48 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 18 Mar 2025 09:48 PM IST
सार
टीएमसी नेता साकेत गोखले ने मंगलवार को पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन के लिए भारत रत्न की मांग करते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और गरिमा को बरकरार रखा। राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए, टीएमसी नेता ने कहा कि शेषन 10वें मुख्य चुनाव आयुक्त थे और उन्होंने भारतीय चुनाव आयोग के काम करने के तरीके को फिर से परिभाषित किया।
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टीएन शेषन, पूर्व सीईसी / साकेत गोखले, नेता टीएमसी
- फोटो : ANI
विस्तार
पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता साकेत गोखले ने मंगलवार को पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) टीएन. शेषन को भारत रत्न देने की मांग की। उन्होंने कहा कि पूर्व सीईसी शेषन ने चुनाव आयोग (ईसीआई) की स्वतंत्रता और गरिमा को बनाए रखा और चुनाव प्रणाली को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने में अहम भूमिका निभाई। राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए साकेत गोखले ने कहा कि टीएन शेषन 10वें मुख्य चुनाव आयुक्त थे, जिन्होंने चुनाव आयोग के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने टीएन शेषन के चर्चित कथन 'मैं नाश्ते में नेताओं को खा जाता हूं' का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने बिना किसी दबाव या पक्षपात के निष्पक्ष चुनाव करवाए।
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भारत रत्न देने की मांग क्यों?
टीएमसी नेता साकेत गोखले ने भारत रत्न देने के समर्थन में कहा कि टीएन शेषन के सख्त रवैये ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को मजबूत किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आज चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति सरकार सीधे करती है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का बहुमत रहता है। उन्होंने कहा कि अब न तो भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) की राय ली जाती है और न ही विपक्ष के नेता की। इससे चुनाव आयोग सरकार के अधीन संस्था बनकर रह गया है। गोखले ने दावा किया कि अगर टीएन शेषन आज होते, तो वह इसे कभी स्वीकार नहीं करते।
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शेषन ने लागू किया मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (एमसीसी)
साकेत गोखले ने कहा कि टीएन शेषन ने आचार संहिता (एमसीसी) को सख्ती से लागू कर चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2024 लोकसभा चुनावों के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन किया और भड़काऊ व साम्प्रदायिक भाषण दिए। टीएमसी नेता ने यह भी आरोप लगाया कि मीडिया ने प्रधानमंत्री मोदी के दबाव में काम किया और उन्हें 80 से अधिक इंटरव्यू का मौका मिला, जबकि विपक्षी नेताओं को इतना कवरेज नहीं मिला। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने बार-बार एमसीसी उल्लंघनों के बावजूद कोई सख्त कार्रवाई नहीं की।
मतदाता सूची में गड़बड़ियों का आरोप
साकेत गोखले ने दावा किया कि चुनाव आयोग ने खुद यह स्वीकार किया है कि मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) की कई डुप्लीकेट कॉपियां मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि टीएन शेषन के कार्यकाल में बनाए गए अद्वितीय मतदाता पहचान पत्र की आज कोई विशिष्टता नहीं बची है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में 8 लाख नए मतदाता जोड़े गए। वहीं महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 39 लाख नए मतदाता शामिल किए गए। हालांकि, इस मुद्दे पर बोलते समय राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने साकेत गोखले को चुनाव आयोग पर टिप्पणी करने से रोका और कहा कि यह संवैधानिक संस्था है।
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SC/ST और अल्पसंख्यकों के लिए कोचिंग सेंटर फिर से शुरू करने की मांग
वहीं कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने मुंबई में हज हाउस में बंद किए गए कोचिंग सेंटर को फिर से शुरू करने की मांग की। उन्होंने बताया कि 2009 में यूपीए सरकार के कार्यकाल में SC/ST और अल्पसंख्यक छात्रों के लिए एक विशेष कोचिंग योजना शुरू की गई थी, जिससे गरीब तबके के छात्र मुफ्त में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते थे। मुंबई के हज हाउस में यह कोचिंग सेंटर बिना सरकारी फंड के चलाया गया था। इसके लिए हज यात्रियों के रजिस्ट्रेशन शुल्क और सेवा शुल्क से बनाए गए फंड का उपयोग किया गया।
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भारत रत्न देने की मांग क्यों?
टीएमसी नेता साकेत गोखले ने भारत रत्न देने के समर्थन में कहा कि टीएन शेषन के सख्त रवैये ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को मजबूत किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आज चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति सरकार सीधे करती है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का बहुमत रहता है। उन्होंने कहा कि अब न तो भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) की राय ली जाती है और न ही विपक्ष के नेता की। इससे चुनाव आयोग सरकार के अधीन संस्था बनकर रह गया है। गोखले ने दावा किया कि अगर टीएन शेषन आज होते, तो वह इसे कभी स्वीकार नहीं करते।
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शेषन ने लागू किया मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (एमसीसी)
साकेत गोखले ने कहा कि टीएन शेषन ने आचार संहिता (एमसीसी) को सख्ती से लागू कर चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2024 लोकसभा चुनावों के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन किया और भड़काऊ व साम्प्रदायिक भाषण दिए। टीएमसी नेता ने यह भी आरोप लगाया कि मीडिया ने प्रधानमंत्री मोदी के दबाव में काम किया और उन्हें 80 से अधिक इंटरव्यू का मौका मिला, जबकि विपक्षी नेताओं को इतना कवरेज नहीं मिला। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने बार-बार एमसीसी उल्लंघनों के बावजूद कोई सख्त कार्रवाई नहीं की।
मतदाता सूची में गड़बड़ियों का आरोप
साकेत गोखले ने दावा किया कि चुनाव आयोग ने खुद यह स्वीकार किया है कि मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) की कई डुप्लीकेट कॉपियां मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि टीएन शेषन के कार्यकाल में बनाए गए अद्वितीय मतदाता पहचान पत्र की आज कोई विशिष्टता नहीं बची है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में 8 लाख नए मतदाता जोड़े गए। वहीं महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 39 लाख नए मतदाता शामिल किए गए। हालांकि, इस मुद्दे पर बोलते समय राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने साकेत गोखले को चुनाव आयोग पर टिप्पणी करने से रोका और कहा कि यह संवैधानिक संस्था है।
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SC/ST और अल्पसंख्यकों के लिए कोचिंग सेंटर फिर से शुरू करने की मांग
वहीं कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने मुंबई में हज हाउस में बंद किए गए कोचिंग सेंटर को फिर से शुरू करने की मांग की। उन्होंने बताया कि 2009 में यूपीए सरकार के कार्यकाल में SC/ST और अल्पसंख्यक छात्रों के लिए एक विशेष कोचिंग योजना शुरू की गई थी, जिससे गरीब तबके के छात्र मुफ्त में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते थे। मुंबई के हज हाउस में यह कोचिंग सेंटर बिना सरकारी फंड के चलाया गया था। इसके लिए हज यात्रियों के रजिस्ट्रेशन शुल्क और सेवा शुल्क से बनाए गए फंड का उपयोग किया गया।
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