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TMC: कैमरे पर इन्कार, भीतर इकरार...टीएमसी और कांग्रेस में विलय की सुगबुगाहट से बढ़ी हलचल
Fri, 12 Jun 2026 04:32 AM IST
नितिन गौतम
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 12 Jun 2026 04:32 AM IST
सार
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त और पार्टी के भीतर मची बड़ी बगावत के बाद क्या तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का कांग्रेस में विलय होने जा रहा है? दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में यह सवाल इस वक्त सबसे बड़ा सस्पेंस बन चुका है। हालांकि, कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व कैमरे के सामने इस संभावना को सिरे से खारिज कर रहा है, लेकिन पार्टी की अंदरूनी बैठकों की टाइमिंग और बंगाल नेतृत्व के बदलते सुर कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।
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सोनिया गांधी और ममता बनर्जी
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
दिल्ली में गुरुवार को मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और तमाम महासचिवों व प्रदेश अध्यक्षों की साढ़े तीन घंटे तक मैराथन बैठक हुई। बैठक के बाद संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ममता बनर्जी की सोनिया और राहुल गांधी से हुई मुलाकातों को औपचारिक बताते हुए विलय की खबरों को महज अफवाह करार दिया। विलय कठिन और जटिल कदम है, लेकिन वेणुगोपाल के इस इन्कार को कांग्रेस के नेता ही अंतिम सच मानने को तैयार नहीं हैं। यह वही संगठन महासचिव हैं जिन्होंने कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की अटकलों को भी इसी तरह खारिज किया था और उसके ठीक दो दिन बाद पार्टी ने वहां बड़ा उलटफेर कर दिया था। बैठक के भीतर टीएमसी को लेकर व्यापक चर्चा हुई है, लेकिन कांग्रेस फिलहाल अपने पत्ते खोलने को तैयार नहीं है।
बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष के संकेत भविष्य में कुछ भी होना संभव
केंद्रीय नेतृत्व भले ही रणनीतिक चुप्पी साधे हो, लेकिन बंगाल कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष शुभंकर सरकार के बयान ने इस चर्चा को हवा दे दी है। शुभंकर सरकार ने साफ कहा कि राजनीति संभावनाओं का खेल है। भविष्य में क्या होगा, इसकी भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। साथ ही उन्होंने जोड़ा कि आखिरकार सभी को कांग्रेस के साथ ही आना होगा। उन्होंने कहा कि यदि देश और संविधान को बचाना है, तो सबको राहुल गांधी के नेतृत्व में चलना होगा। प्रदेश अध्यक्ष का यह बयान साफ करता है कि जमीन पर इस विलय को लेकर जमीन तैयार की जा रही है, बशर्ते राज्य के कार्यकर्ताओं और संगठन की भावना का ख्याल रखा जाए।
ममता की सूझबूझ की परीक्षा, बैकफुट पर टीएमसी
पार्टी सूत्रों और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी गुलाम अहमद मीर के बयानों को जोड़कर देखें, तो बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद टीएमसी इस वक्त संगठन की टूट और आंतरिक भगदड़ से बुरी तरह जूझ रही है। ममता बनर्जी के सामने इस वक्त अपनी राजनीतिक जमीन और कुनबे को बचाने की बड़ी चुनौती है। फिलहाल कांग्रेस रणनीतिक रूप से वेट एंड वॉच की मुद्रा में है। पार्टी के एक धड़े का मानना है कि जल्दबाजी में कुछ भी पुख्ता कहना जल्दबाजी होगी। क्योंकि पहली प्राथमिकता इंडिया गठबंधन को मजबूत रखने की है। फिर भी जिस तरह से साढ़े तीन घंटे की बैठक में पेपर लीक और बेरोजगारी के साथ-साथ टीएमसी के राजनीतिक भविष्य पर चर्चा हुई, उसने साफ कर दिया है कि परदे के पीछे की पटकथा लिखी जा रही है, बस क्लाईमेक्स का इंतजार है।
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बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष के संकेत भविष्य में कुछ भी होना संभव
केंद्रीय नेतृत्व भले ही रणनीतिक चुप्पी साधे हो, लेकिन बंगाल कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष शुभंकर सरकार के बयान ने इस चर्चा को हवा दे दी है। शुभंकर सरकार ने साफ कहा कि राजनीति संभावनाओं का खेल है। भविष्य में क्या होगा, इसकी भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। साथ ही उन्होंने जोड़ा कि आखिरकार सभी को कांग्रेस के साथ ही आना होगा। उन्होंने कहा कि यदि देश और संविधान को बचाना है, तो सबको राहुल गांधी के नेतृत्व में चलना होगा। प्रदेश अध्यक्ष का यह बयान साफ करता है कि जमीन पर इस विलय को लेकर जमीन तैयार की जा रही है, बशर्ते राज्य के कार्यकर्ताओं और संगठन की भावना का ख्याल रखा जाए।
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ममता की सूझबूझ की परीक्षा, बैकफुट पर टीएमसी
पार्टी सूत्रों और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी गुलाम अहमद मीर के बयानों को जोड़कर देखें, तो बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद टीएमसी इस वक्त संगठन की टूट और आंतरिक भगदड़ से बुरी तरह जूझ रही है। ममता बनर्जी के सामने इस वक्त अपनी राजनीतिक जमीन और कुनबे को बचाने की बड़ी चुनौती है। फिलहाल कांग्रेस रणनीतिक रूप से वेट एंड वॉच की मुद्रा में है। पार्टी के एक धड़े का मानना है कि जल्दबाजी में कुछ भी पुख्ता कहना जल्दबाजी होगी। क्योंकि पहली प्राथमिकता इंडिया गठबंधन को मजबूत रखने की है। फिर भी जिस तरह से साढ़े तीन घंटे की बैठक में पेपर लीक और बेरोजगारी के साथ-साथ टीएमसी के राजनीतिक भविष्य पर चर्चा हुई, उसने साफ कर दिया है कि परदे के पीछे की पटकथा लिखी जा रही है, बस क्लाईमेक्स का इंतजार है।
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