Politics: विपक्षी एकता को TMC का झटका, कहा- हमें हराने के लिए भाजपा के साथ मिलीभगत कर रही कांग्रेस
पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी ने पिछले महीने स्पष्ट कर दिया था कि वह कांग्रेस और भाजपा दोनों से समान दूरी बनाए रखेगी। साथ ही लोकसभा चुनावों में भगवा खेमे का मुकाबला करने के लिए क्षेत्रीय ताकतों के एक समूह की दिशा में काम करने की कोशिश करेगी।
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तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने कांग्रेस पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब केंद्रीय एजेंसियां विपक्ष को तलब करती हैं तो कांग्रेस उसका स्वागत करती है, जबकि उसके किसी नेता से पूछताछ हो जाए तो वह केंद्र सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग करने का आरोप लगाती है। वहीं, उन्होंने भाजपा से मिलीभगत करने का आरोप भी लगाया है।
गौरतलब है, पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी ने पिछले महीने स्पष्ट कर दिया था कि वह कांग्रेस और भाजपा दोनों से समान दूरी बनाए रखेगी। साथ ही अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में भगवा खेमे का मुकाबला करने के लिए क्षेत्रीय ताकतों के एक समूह की दिशा में काम करने की कोशिश करेगी। बनर्जी ने कहा कि भाजपा को सिर्फ टीएमसी ही हरा सकती है।
अपनी जांच पर तिलमिला जाती है कांग्रेस
पिछले महीने शुरू किए गए पार्टी के 60 दिवसीय जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत सोमवार देर रात बोलते हुए उन्होंने कहा कि जब सीबीआई और ईडी बंगाल में टीएमसी नेताओं पर छापे मारते हैं तो कांग्रेस केंद्रीय एजेंसियों की सराहना करती है। वहीं दूसरी तरफ जब उनके वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली में बुलाया जाता है, तो वे जांच एजेंसियों के खिलाफ हो जाते हैं और विरोध करना शुरू कर देते हैं।
कांग्रेस भाजपा के खिलाफ नहीं
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव बनर्जी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस भाजपा के खिलाफ लड़ने की बात करती है। जबकि बंगाल में बिल्कुल उल्टा दिख रहा है। वह हमारा विरोध करने के लिए भाजपा और वामदलों से मिलीभगत कर रही है। बनर्जी ने यह भी कहा कि केवल टीएमसी ही भगवा पार्टी का सामना कर सकती है।
सिर्फ टीएमसी ही भाजपा को हरा सकती है
उन्होंने कहा कि सिर्फ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी ही भाजपा से मुकाबला कर सकती है। अभिषेक ने कहा कि पिछले साल हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की जीत के बाद भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र ने एलपीजी और खाना पकाने के तेल की कीमतों में कमी नहीं की। हालांकि, जब भाजपा 2021 के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल में हार गई, तो उन्हें एलपीजी और खाना पकाने के तेल की कीमतों में कमी करने के लिए मजबूर होना पड़ा। यही अंतर है।