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SIR: बंगाल एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की टीएमसी ने की तारीफ, भाजपा ने लगाया भ्रम फैलाने का आरोप

Fri, 20 Feb 2026 07:46 PM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Fri, 20 Feb 2026 07:46 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक खींचतान जारी है। सत्ताधारी टीएमसी और विपक्षी भाजपा दोनों आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची में हेरफेर करने के प्रयास का एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।

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TMC hails Supreme Court order on judicial officers in West Bengal SIR BJP blames Mamata govt for confusion
बंगाल में एसआईआर पर भाजपा-टीएमसी में सियासी खींचतान जारी - फोटो : ANI

विस्तार

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी सियासी जंग शुक्रवार को और तेज हो गई। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इस प्रक्रिया में न्यायिक अधिकारियों को तैनात करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को जनता की बड़ी जीत बताया। वहीं भाजपा ने राज्य सरकार पर जमीनी स्तर पर भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया।
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सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई टीएमसी सरकार के बीच 'विश्वास की कमी' को उजागर करते हुए राज्य में विवादों से घिरी एसआईआर प्रक्रिया में चुनाव आयोग की सहायता के लिए सेवारत और पूर्व जिला न्यायाधीशों को तैनात करने का एक 'असाधारण' निर्देश जारी किया।
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टीएमसी बोली- ये जनता की बड़ी जीत
इस आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी ने दावा किया कि इससे एसआईआर अभियान में अनियमितताओं के उसके आरोपों की पुष्टि हुई है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा कि बंगाल की जनता के लिए एक बड़ी जीत। आज चुनाव आयोग के अहंकार का ऐतिहासिक रूप से पर्दाफाश हुआ है।

टीएमसी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची निरीक्षक वैध दावों को नजरअंदाज कर रहे थे और वैध मतदाताओं को मिटाने की कोशिश कर रहे थे। उसने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने यह निर्देश देकर 'करारा प्रहार' किया है कि सभी दावों, आपत्तियों और विसंगति के मामलों को कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा नियुक्त निष्पक्ष न्यायिक अधिकारियों द्वारा निपटाया जाए।




भाजपा ने ममता सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने इस गतिरोध के लिए ममता बनर्जी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। मजूमदार ने कहा कि टीएमसी सरकार जमीनी स्तर पर भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है और एसआईआर अभ्यास का विरोध कर रही है।

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उन्होंने कहा, 'राज्य प्रशासन ही इस प्रक्रिया में बाधा डाल रहा है और लोगों को गुमराह कर रहा है। चुनाव आयोग केवल मतदाता सूची का निष्पक्ष और स्वतंत्र संशोधन सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है। लेकिन राज्य प्रशासन शुरू से ही चुनाव आयोग के साथ असहयोग कर रहा है।'

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