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Calcutta HC: TMC समर्थित वकीलों से नाराज जस्टिस राजशेखर ने कहा- हाईकोर्ट की प्राचीन गरिमा को बदनाम न करें
Thu, 12 Jan 2023 05:22 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता।
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 12 Jan 2023 05:22 AM IST
सार
जस्टिस राजशेखर मंथा ने प्रदर्शनकारियों से अपना विरोध प्रदर्शन तत्काल खत्म करने की अपील की। इस बीच सोमवार से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन बुधवार को खत्म हो गया।
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कलकत्ता हाईकोर्ट।
- फोटो : calcuttahighcourt.gov.in
विस्तार
कलकत्ता हाईकोर्ट में तृणमूल समर्थित वकीलों के लगातार विरोध प्रदर्शन और हंगामे को लेकर नाराज जस्टिस राजशेखर मंथा ने बुधवार को कहा कि देश के सबसे प्राचीन कोर्ट की गरिमा को नष्ट न करें।
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उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपना विरोध प्रदर्शन तत्काल खत्म करने की अपील की। इस बीच सोमवार से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन बुधवार को खत्म हो गया है। हालांकि तृणमूल समर्थित वकीलों की ओर से जस्टिस मंथा की एकल पीठ का बहिष्कार लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। जस्टिस मंथा बुधवार सुबह कोर्ट नंबर 13 में बैठे। उन्होंने कई मामलों की सुनवाई भी की।
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इसके पहले उन्होंने मंगलवार शाम को कोर्ट की अवमानना का नियम जारी किया था। इसके बाद बुधवार को विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ। बताया गया है कि प्रदर्शन के चलते पिछले दो दिनों में करीब 500 मामलों की सुनवाई नहीं हो पाई है। एक मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस मंथा ने बार एसोसिएशन के सचिव विश्वव्रत बसु मल्लिक को बुलाकर कहा कि आप लोगों से अनुरोध है कि इस कोर्ट का जो सम्मान है, उसे नष्ट न करें। केवल मेरे ही कोर्ट का नहीं बल्कि किसी भी न्यायाधीश के कोर्ट को लेकर इस तरह की घटना दोबारा न हो, यह सुनिश्चित करना होगा। इसके जवाब में मल्लिक ने अनुरोध किया कि दोनों पक्षों के वकीलों की गैरमौजूदगी में किसी भी मामले पर फैसला मत सुनाएं।
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फैसला पसंद नहीं तो कोर्ट जाएं : राज्यपाल
राजभवन सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने मंगलवार को कोर्ट में हुई घटना के संबंध में मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त को तलब किया। पूरे घटनाक्रम को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए राज्यपाल ने कहा कि न्यायपालिका को कभी डराया-धमकाया नहीं जा सकता। इसकी अनुमति कतई नहीं दी जा सकती। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी को फैसला पसंद नहीं है तो वह कोर्ट जा सकता है। इस दौरान उन्होंने जस्टिस के घर के बाहर लगे पोस्टरों के संबंध में भी जानकारी चाही और जस्टिस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
सरकार ने घटना पर जताया दुख
जानकारी के मुताबिक, राज्य के महाधिवक्ता सोमेंद्र नाथ मुखर्जी ने बुधवार को जस्टिस मंथा के समक्ष कहा है कि जो हुआ है, वह बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि जिन वकीलों ने ऐसा किया है, उनके साथ बातचीत हो रही है। हम लोग समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर ऐसा क्यों हुआ। दरअसल जस्टिस मंथा ने एक मामले की सुनवाई के दौरान पूछा कि राज्य सरकार से संबंधित अधिकतर मामलों में वकील उपस्थित क्यों नहीं हैं। इसका जवाब देते हुए महाधिवक्ता ने उक्त बातें कहीं। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि अब आपके कोर्ट के सामने ऐसा कोई प्रदर्शन नहीं होगा। इस पर जस्टिस मंथा ने कहा कि अधिकतर वकीलों की अनुपस्थिति की वजह से मैं महत्वपूर्ण मामलों में न तो सुनवाई कर पा रहा हूं न ही फैसला दे पा रहा हूं।