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तिरंगे को लेकर सरकार सख्त: कागज का झंडा फेंका तो होगी बेअदबी, फ्लैग कोड पर राज्यों को क्या निर्देश मिले?
Tue, 11 Aug 2026 01:41 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Tue, 11 Aug 2026 01:41 AM IST
सार
National Flag Rules: केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को फ्लैग कोड का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया है। महत्वपूर्ण राष्ट्रीय, सांस्कृतिक और खेल आयोजनों में कागज के तिरंगे लहराने की अनुमति है, लेकिन कार्यक्रम खत्म होने के बाद उन्हें जमीन पर फेंकना या छोड़ना नहीं होगा। सरकार ने जागरूकता अभियान चलाने को भी कहा है। आखिर तिरंगे को लेकर कौन-कौन से नियम लागू हैं? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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क्या आप जानते हैं राष्ट्रीय ध्वज के ये जरूरी नियम?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
केंद्र सरकार ने सोमवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े नियमों का पालन करने का निर्देश दिया। गृह मंत्रालय ने राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजे संदेश में कहा कि लोगों के साथ-साथ सरकारी संस्थाओं और संगठनों में भी राष्ट्रीय ध्वज को प्रदर्शित करने से जुड़े कानून, परंपराओं और नियमों की जानकारी की कमी दिखाई देती है। मंत्रालय ने कहा कि तिरंगा देश के लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं का प्रतीक है। इसलिए उसे हमेशा सम्मान का स्थान मिलना चाहिए। राज्यों से कहा गया है कि वे इस संबंध में बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाएं और प्रिंट तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए इसका व्यापक प्रचार करें।
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क्या कागज का तिरंगा इस्तेमाल करना गलत है?
सरकार ने साफ किया है कि महत्वपूर्ण राष्ट्रीय, सांस्कृतिक और खेल आयोजनों के दौरान आम लोग कागज से बने तिरंगे को लहरा सकते हैं। लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद ऐसे झंडों को जमीन पर फेंकना या इधर-उधर छोड़ना नहीं चाहिए। इसका मकसद राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को बनाए रखना है। फ्लैग कोड के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज को हमेशा सम्मानजनक स्थान पर रखा जाना चाहिए। किसी भी हालत में फटा, क्षतिग्रस्त या अस्त-व्यस्त तिरंगा प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए। यानी तिरंगा इस्तेमाल करने के बाद उसके सम्मान का भी ध्यान रखना जरूरी है।
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तिरंगे को लेकर कौन-कौन से नियम लागू हैं?
फ्लैग कोड के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज हाथ से काता और हाथ से बुना हुआ या मशीन से बनाया हुआ हो सकता है। इसके लिए कपास, पॉलिएस्टर, ऊन, रेशम या खादी बंटिंग का इस्तेमाल किया जा सकता है। कोई आम नागरिक, निजी संस्था या शैक्षणिक संस्थान सभी दिनों और अवसरों पर तिरंगा फहरा या प्रदर्शित कर सकता है, लेकिन उसे तिरंगे की गरिमा और सम्मान का ध्यान रखना होगा। 19 जुलाई 2022 के आदेश के जरिए फ्लैग कोड में संशोधन किया गया था। खुले में या किसी नागरिक के घर पर प्रदर्शित तिरंगा दिन-रात फहराया जा सकता है।
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