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Tripura: 'अगर मैं मर भी जाऊं तो तिपरासा लोग याद रखेंगे...' टिपरा मोथा प्रमुख ने दी आमरण अनशन की चेतावनी

Sat, 24 Feb 2024 04:13 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 24 Feb 2024 04:13 PM IST
सार

टिपरा मोथा पार्टी के प्रमुख प्रद्योत देबबर्मा ने कहा कि अगर वह मर भी जाएंगे तो तिपरासा लोग याद रखेंगे कि उनके पास एक राजा था, जिसने उन गरीब तिपरासा लोगों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अकेले लड़ाई लड़ी थी, जिनके अधिकार सत्तर साल पहले छीन लिए गए थे। 

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Tipra Motha supremo threatens to launch fast unto death to demand solution to Tiprasa problem
टिपरा मोथा के अध्यक्ष प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा। - फोटो : पीटीआई (फाइल फोटो)

विस्तार

टिपरा मोथा पार्टी के सुप्रीमो प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने तिपरासा लोगों की समस्या के संवैधानिक समाधान की मांग की। इसके लिए उन्होंने आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी। देबबर्मा ने शनिवार को एक वीडियो संदेश में यह बात कही। 

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वीडियो संदेश में देबबर्मा ने कहा, "मैं सुबह जब बिस्तर से उठता हूं तो मुझे पता नहीं होता कि मैं सो पाऊंगा या नहीं। मुझे हृदय रोग सहित कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं। मैं अपने तिपरासा लोगों को दिल से कुछ देने के लिए लड़ रहा हूं। इन्होंने मेरी निजी जिंदगी के साथ-साथ परिवार पर भी गंभीर असर डाला है।" 

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उन्होंने कहा, "लड़ाई में एक पक्ष का नेतृत्व मेरे द्वारा किया जाता है। मैं महल को छोड़कर गरीब तिपरासा लोगों को लिए लड़ रहा हूं। जबकि दूसरे छोर पर बड़े लोग हैं, जो गारंटी देते हैं, लेकिन देते कुछ भी नहीं हैं। पिछले एक साल से केंद्र हमें बता रहा है कि तिपरासा लोगों के लिए कुछ किया जाएगा, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है।" 

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उन्होंने आगे कहा, "तिपरासा लोगों के अधिकारों के लिए लड़ाई अंतिम मोड़ पर पहुंच गई है।" देबबर्मा ने कहा कि वह अगले कुछ दिनों में तिपरासा लोगों की भावी पीढ़ी के भविष्य के लिए आमरण अनशन शुरू करने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा, "अगर मैं मर भी जाऊं तो तिपरासा लोग याद रखेंगे कि उनके पास एक राजा था, जिसने उन गरीब तिपरासा लोगों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अकेले लड़ाई लड़ी थी, जिनके अधिकार सत्तर साल पहले छीन लिए गए थे।" शाही वंशज ने कहा, "मैं तिपरासा लोगों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए लड़ाई के बिना वापस नहीं आऊंगा, ताकि वे अपना सिर हमेशा ऊंचा रख सकें। पूरा देश इस बात को याद रखेगा कि एक राजा था, जिसने अपने लोगों के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया था।" 

टिपरा मोथा पार्टी ने पिछले साल के विधानसभा चुनाव में 'ग्रेटर टिपरालैंड' की मांग के साथ तेरह सीट पर जीत हासिल की थी और मुख्य विपक्षी पार्टी के रूप में उभरी। टिपरा मोथा आदिवासी तिपरासा की समस्याओं के संवैधानिक समाधान के लिए केंद्र से बातचीत कर रहा है।

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