{"_id":"66d6a1d1f3dfed1bbb0d114d","slug":"time-for-india-singapore-bilateral-relations-to-raise-to-next-level-says-eam-s-jaishankar-on-pm-modi-visit-2024-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"S Jaishankar: 'भारत-सिंगापुर के संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने का सही समय', विदेश मंत्री जयशंकर का बयान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
S Jaishankar: 'भारत-सिंगापुर के संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने का सही समय', विदेश मंत्री जयशंकर का बयान
Tue, 03 Sep 2024 11:29 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 03 Sep 2024 11:29 AM IST
सार
विदेश मंत्री ने कहा कि 'जिस तरह से दुनिया बदल रही है, ऐसे में दोनों देशों के संबंधों को और समसामयिक बनाने की जरूरत है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री ने अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही सिंगापुर का दौरा करने का फैसला किया है।'
विज्ञापन
Jaishankar
- फोटो : PTI
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को ब्रुनेई और सिंगापुर के दौरे पर रवाना हुए। प्रधानमंत्री की सिंगापुर यात्रा को लेकर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि अब समय आ गया है, जब भारत और सिंगापुर मिलकर अपने द्विपक्षीय संबंधों को अगले स्तर पर लेकर जाएं। विदेश मंत्री ने कहा कि 'जिस तरह से दुनिया बदल रही है, ऐसे में दोनों देशों के संबंधों को और समसामयिक बनाने की जरूरत है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री ने अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही सिंगापुर का दौरा करने का फैसला किया है।'
बीते दो दशकों में मजबूत हुए हैं भारत-सिंगापुर संबंध
विदेश मंत्री ने सिंगापुर के मीडिया से बात करते हुए कहा कि बीते दो दशकों में भारत और सिंगापुर के संबंध काफी मजबूत हुए हैं। जिस तरह सिंगापुर को साल 1992 और 2006 में मौका मिला था, ठीक उसी तरह सिंगापुर को इस मौके का भी फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मन में हमेशा से सिंगापुर के लिए विशेष भावनाएं हैं और यही वजह है कि नेतृत्व में काफी ज्यादा जुड़ाव देखा गया है। गौरतलब है कि जयशंकर भारतीय विदेश सेवा में रहने के दौरान सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त भी रह चुके हैं।
एस जयशंकर ने कहा कि भारत और सिंगापुर भविष्य की तकनीक जैसे सेमीकंडक्टर, ग्रीन तकनीक और इलेक्ट्रिक मॉबिलिटी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ा सकते हैं। साथ ही ऊर्जा और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है। बीते दिनों भारत और सिंगापुर के बीच गोलमेज सम्मेलन हुआ था, जिसमें दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने पर विचार-विमर्श हुआ था। उस सम्मेलन में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर भी शामिल हुए थे।
विज्ञापन
'भारत की एक्ट ईस्ट नीति में सिंगापुर अहम देश'
जयशंकर ने कहा कि दुनिया में बदलते हालात में भारत की भूमिका बढ़ेगी और यह सिंगापुर और आसियान देशों के हित में होगा। साथ ही आसियान और खाड़ी के देशों में भारतीय मूल के समुदाय की भूमिका भी अहम है और आने वाले दिनों में इसकी और अहमियत बढ़ेगी। भारत की एक्ट ईस्ट नीति में सिंगापुर अहम देश है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को सिंगापुर पहुंचेंगे, जहां वे राष्ट्रपति थरमन षणमुगरत्नम, प्रधानमंत्री लॉरेंस वॉन्ग और वरिष्ठ मंत्री ली सेन समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री सिंगापुर के उद्योग जगत के लोगों से भी मिलेंगे।
विज्ञापन
बीते दो दशकों में मजबूत हुए हैं भारत-सिंगापुर संबंध
विदेश मंत्री ने सिंगापुर के मीडिया से बात करते हुए कहा कि बीते दो दशकों में भारत और सिंगापुर के संबंध काफी मजबूत हुए हैं। जिस तरह सिंगापुर को साल 1992 और 2006 में मौका मिला था, ठीक उसी तरह सिंगापुर को इस मौके का भी फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मन में हमेशा से सिंगापुर के लिए विशेष भावनाएं हैं और यही वजह है कि नेतृत्व में काफी ज्यादा जुड़ाव देखा गया है। गौरतलब है कि जयशंकर भारतीय विदेश सेवा में रहने के दौरान सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त भी रह चुके हैं।
विज्ञापन
एस जयशंकर ने कहा कि भारत और सिंगापुर भविष्य की तकनीक जैसे सेमीकंडक्टर, ग्रीन तकनीक और इलेक्ट्रिक मॉबिलिटी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ा सकते हैं। साथ ही ऊर्जा और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है। बीते दिनों भारत और सिंगापुर के बीच गोलमेज सम्मेलन हुआ था, जिसमें दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने पर विचार-विमर्श हुआ था। उस सम्मेलन में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर भी शामिल हुए थे।
विज्ञापन
'भारत की एक्ट ईस्ट नीति में सिंगापुर अहम देश'
जयशंकर ने कहा कि दुनिया में बदलते हालात में भारत की भूमिका बढ़ेगी और यह सिंगापुर और आसियान देशों के हित में होगा। साथ ही आसियान और खाड़ी के देशों में भारतीय मूल के समुदाय की भूमिका भी अहम है और आने वाले दिनों में इसकी और अहमियत बढ़ेगी। भारत की एक्ट ईस्ट नीति में सिंगापुर अहम देश है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को सिंगापुर पहुंचेंगे, जहां वे राष्ट्रपति थरमन षणमुगरत्नम, प्रधानमंत्री लॉरेंस वॉन्ग और वरिष्ठ मंत्री ली सेन समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री सिंगापुर के उद्योग जगत के लोगों से भी मिलेंगे।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन