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Tiger: भारत में बाघों की संख्या 10 साल में 65 फीसदी बढ़ी, 2014 में 2,226 बाघ थे, जो बढ़कर हुए 3,682

Mon, 29 Jul 2024 05:04 AM IST
मेघा झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: मेघा झा Updated Mon, 29 Jul 2024 05:04 AM IST
सार

2014 से लेकर 2024 के बीच देश में बाघों की संख्या 65 फीसदी बढ़ गई है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अनुसार, 2014 में देश के अंदर कुल बाघों की संख्या 2,226 थी, जो अब बढ़कर 3,682 हो गई है।

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Tiger: The number of tigers in India increased by 65 percent in 10 years
बाघ

विस्तार

देश में बाघों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। 2014 से लेकर 2024 के बीच देश में बाघों की संख्या 65 फीसदी बढ़ गई है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अनुसार, 2014 में देश के अंदर कुल बाघों की संख्या 2,226 थी, जो अब बढ़कर 3,682 हो गई है।
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खास बात है कि बाघों की संख्या के साथ दुनिया में वन्य जीवों के संरक्षण कार्यक्रम में भी भारत का डंका बज रहा है। आंकड़े बताते हैं कि दुनिया के 70 प्रतिशत से अधिक जंगली बाघों का घर भारत ही है। अन्य देशों के मुकाबले भारत में तेजी से वन्य जीवों के संरक्षण पर काम हुआ।
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देश में 54 टाइगर रिजर्व
1973 में पहली बार सरकार ने टाइगर रिजर्व बनाने का एलान किया था। शुरुआती चरण में देशभर में नौ टाइगर रिजर्व बनाए गए थे। इनमें कॉर्बेट (उत्तर प्रदेश), पलामू (बिहार), सिमिलिपाल (उड़ीसा), सुंदरवन (पश्चिम बंगाल),मानस (असम), रणथंभौर (राजस्थान), कान्हा (मध्य प्रदेश), मेलघाट (महाराष्ट्र) और बांदीपुर (मैसूर) शामिल है। हाल ही में सरकार ने मध्य प्रदेश में वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की घोषणा की है। इसी के साथ देश में अब कुल 54 टाइगर रिजर्व हो गए हैं।
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देश में ऐसे बढ़ी बाघों की संख्या
2006  1,411
2010  1,706
2014  2,226
2018  2,967
2023  3,682

अन्य जीवों पर भी फोकस
सरकार बाघ के साथ अन्य वन्य जीवों के संरक्षण पर भी काम कर रही है। अप्रैल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंटरनेशनल बिग कैट्स एलायंस यानी आईबीसीए की नींव रखी। इसकी शुरुआत बाघ, शेर, तेंदुए, हिम तेंदुए, चीता, जगुआर और प्यूमा, यानी बिग कैट्स के संरक्षण के लिए हुआ है। यह एलाइंस बाघ सहित अन्य बड़ी बिल्लियों और उनकी कई लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण में बड़ी भूमिका निभा रहा है।


आंकड़े बताते हैं कि पिछले दस साल में भारत में न केवल बाघों की आबादी में बढ़ोतरी हुई है, बल्कि उन्हें अनुकूल वातावरण भी मिला है। दुनिया के केवल 2.4% भूमि क्षेत्र के साथ भारत, वैश्विक जैव विविधता में लगभग 8% योगदान देता है।

ऐसे शुरू हुआ बाघों के संरक्षण को लेकर काम
1969 से वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में सरकार ने काम करना शुरू किया। सबसे पहले वन्य जीवों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया।
1972 में वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया गया।
1973 में केंद्र सरकार ने बाघ परियोजना शुरू किया।
2006 में सरकार ने वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट में बड़े बदलाव किए और वन्य जीवों के संरक्षण को और मजबूती प्रदान की।
2010 में पहली बार सरकार ने एलान किया कि हर 29 जुलाई को वर्ल्ड टाइगर डे मनाया जाएगा।
2023 में पीएम मोदी ने इंटरनेशनल बिग कैट्स एलायंस यानी आईबीसीए की नींव रखी।
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