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AP: फर्जी तरीके से सीट बढ़ाने के मामले में आंध्र के तीन मेडिकल कॉलेजों की जांच जारी, कुलपति ने कही ये बात
Thu, 07 Sep 2023 08:43 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 07 Sep 2023 08:43 PM IST
सार
विश्वविद्यालय के कुलपति कोरुकोंडा बाबजी ने कहा कि फर्जी तरीके से सीट बढ़ाने के मामले में आंध्र प्रदेश के तीन निजी मेडिकल कॉलेजों की जांच की जा रही है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
आंध्र प्रदेश में फर्जी तरीके से सीट बढ़ाने के मामले में तीन मेडिकल कांलेजों की जाच की जा रही है। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा का पर्यवेक्षण करने वाले प्राधिकरण ‘डॉ. वाईएसआर यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज’ ने मेडिकल सीट की संख्या बढ़ाने के लिए कथित तौर पर राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद (एनएमसी) का फर्जी अनुमति पत्र पेश करने के आरोप में तीन निजी मेडिकल कॉलेजों के खिलाफ जांच शुरू की है।
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एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि हमने तीनों कॉलेजों के प्राचार्यों को बुलाया और उनसे अपना स्पष्टीकरण देने को कहा और हमने जांच शुरू कर दी। अधिकारी के अनुसार, मेडिकल यूनिवर्सिटी ने शुरू में अनुमति पत्रों (एलओपी) को स्वीकार कर लिया था, यह समझकर कि यह वास्तव में एनएमसी द्वारा जारी किया गया था और बढ़ी हुई मेडिकल सीटें आवंटित की गईं, लेकिन मेडिकल काउंसिल से निर्देश मिलने पर उन्हें रद्द करना पड़ा कि वे नकली थे।
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विश्वविद्यालय के कुलपति कोरुकोंडा बाबजी ने कहा कि तीन मेडिकल कॉलेज, राजामहेंद्रवरम स्थित जीएसएल मेडिकल कॉलेज, विजयनगरम स्थित महाराजा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एमआईएमएस) और नंदयाला स्थित शांतिराम मेडिकल कॉलेज धोखाधड़ी के इस कृत्य में शामिल थे।
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इसके कारण, विश्वविद्यालय को काउंसलिंग की प्रक्रिया फिर से करनी पड़ी है। कुलपति कोरुकोंडा बाबजी ने जीएसएल मेडिकल कॉलेज के मामले पर प्रकाश डाला, जिसने एमडी रेडियो डायग्नोसिस सीटों की संख्या 10 से बढ़ाकर 24 करने की अनुमति प्राप्त करने का दावा किया था। इस बारे में कहा कि हमें 24 (सीटों) के लिए एलओपी मिला है। हमने स्वीकार कर लिया है और अब एनएमसी का कहना है कि यह नकली है।
आगे कुलपति बोले कि मेडिकल यूनिवर्सिटी को प्रवेश प्रक्रिया समय पर पूरी करने की ज्यादा चिंता है। हम चिंतित हैं और पहले काउंसलिंग करने की जल्दी कर रहे हैं क्योंकि हमें एनएमसी की समय-सीमा का पालन करना है। इसलिए, हमारे पास कानूनी कार्रवाई और अन्य सभी चीजों के लिए ज्यादा समय नहीं है। हम छात्रों की समस्या के बारे में चिंतित हैं। हमें काउंसलिंग फिर से शुरू करनी होगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रवेश पूरा होने के बाद जो भी कार्रवाई करनी होगी वह की जाएगी।