Maharashtra: बारामती विमान हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन, उड्डयन मंत्री बोले- रिपोर्ट का इंतजार
Baramati Plane Crash: 28 जनवरी को महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई। हादसे की जांच के लिए सिविल एविएशन मंत्रालय ने तीन सदस्यीय AAIB टीम का गठन किया है जिसने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरु कर दी है।
विस्तार
Following the unfortunate aircraft accident near Baramati, all requisite response and investigative mechanisms were activated immediately. Ensuring a thorough, transparent, and time-bound inquiry remains a top priority.
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A team of three officers from AAIB, Delhi, and another team… — MoCA_GoI (@MoCA_GoI) January 29, 2026
ब्लैक बॉक्स बरामद
घटनास्थल की जांच के बाद अधिकारियों ने बताया कि कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर, जिन्हें ब्लैक बॉक्स कहा जाता है, बरामद कर लिए गए हैं। इनकी जांच से ही पता चलेगा कि यह बड़ा हादसा कैसे हुआ। अधिकारियों ने कहा कि शुरुआती जांच में टीम मुख्य रूप से विजिबिलिटी की स्थिति, पायलट के निर्णय और बारामती जैसे अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड पर संचालन की सीमाओं पर ध्यान दे रही है। टीम ने फॉरेंसिक प्रक्रियाएं शुरू कर दी हैं, जिनमें विमान का मलबा सुरक्षित करना और महत्वपूर्ण साक्ष्य इकट्ठा करना शामिल है।
टीम ने मांगे कई अहम रिकॉर्ड
टीम ने एयरफ्रेम और इंजन लॉगबुक, रखरखाव रिकॉर्ड, निरीक्षण इतिहास, वर्क ऑर्डर और ऑनबोर्ड दस्तावेज दिल्ली स्थित VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड से मांगे हैं। DGCA से क्रू की योग्यता रिकॉर्ड और विमान प्रमाणन दस्तावेज भी प्राप्त किए जा रहे हैं। सिविल एविएशन मंत्रालय के अनुसार, विमान सुबह 8:10 बजे मुंबई से रवाना हुआ और 8:18 बजे बारामती एयरफील्ड से संपर्क स्थापित किया। रनवे 11 पर पहली अप्रोच के दौरान, क्रू ने बताया कि रनवे दिखाई नहीं दे रहा है और उन्होंने स्टैंडर्ड गो-अराउंड किया। इसके बाद विमान ने दोबारा पोजिशनिंग के बाद एयरफील्ड को सूचित किया कि जब रनवे दिखाई देगा, तब रिपोर्ट करेंगे। 8:43 बजे विमान को लैंडिंग की अनुमति दी गई, लेकिन कोई फीडबैक प्राप्त नहीं हुआ। लगभग एक मिनट बाद, एयरफील्ड कर्मियों ने रनवे थ्रेशोल्ड के पास आग देखी और कंट्रोल रूम को सूचित किया।
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'जल्दबाजी में कुछ कहने से बचना चाहिए'
केंद्रीय सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि प्रारंभिक संकेत खराब विजिबिलिटी की ओर इशारा करते हैं, लेकिन जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा, 'AAIB सक्षम प्राधिकरण है और पारदर्शी एवं उत्तरदायी जांच के माध्यम से तथ्य स्थापित करेगा।' DGCA ने अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में कहा कि क्रू को विजुअल मौसमीय परिस्थितियों (VMC) में उतरने की सलाह दी गई थी, जिसमें अनुमानित दृश्यता लगभग 3,000 मीटर और हवा शांत थी।
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'विमान का रखरखाव सही'
वहीं, VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक विजय कुमार सिंह ने कहा कि विमान का रखरखाव सही था और यह उड़ान के योग्य था। उन्होंने कहा कि हमारी जानकारी के अनुसार कोई तकनीकी दोष नहीं था। पायलट ने विजिबिलिटी के कारण मिस्ड अप्रोच लिया और दूसरी लैंडिंग का प्रयास किया। जिससे यह दुर्घटना हुई।' सिंह ने बताया कि विमान के कप्तान के पास 16,000 घंटे से अधिक के उड़ान का अनुभव था, जबकि सह-पायलट के पास लगभग 1,500 घंटे का अनुभव था।
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