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गुजरात में मालगाड़ी की चपेट में आने से दो शेर और एक शेरनी की मौत
Tue, 18 Dec 2018 06:32 PM IST
Avdhesh Kumar
भाषा, अहमदाबाद
भाषा, अहमदाबाद
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Tue, 18 Dec 2018 06:32 PM IST
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फाइल फोटो
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गुजरात के अमरेली जिले में गिर वन के निकट मालगाड़ी की चपेट में आकर तीन शेरों की मौत हो गई। यह घटना अहमदाबाद से तकरीबन 250 किलोमीटर दूर अमरेली जिले के सावरकुंडला तालुका में बोराला गांव के निकट उस वक्त हुई जब छह शेरों का झुंड गांव से गुजरने वाली पटरी से गुजर रहा था। यह गांव गिर के जंगलों के नजदीक स्थित है।
जूनागढ़ वन्यजीव सर्किल के मुख्य वन संरक्षक डी टी वसवाडा ने बताया, ‘‘बोटाड से पिपावाव बंदरगाह जा रही एक मालगाड़ी ने मध्यरात्रि के समय छह शेरों के झुंड में से तीन को टक्कर मार दी, जिसमें दो शेरों और एक शेरनी की मौत हो गई।’’ उन्होंने कहा कि गुजरात वन विभाग ने जांच के आदेश दिये हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बात की जांच करेंगे कि क्या ट्रेन काफी तेज गति से जा रही थी जिससे यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। हम इस बात की भी जांच करेंगे कि क्या वन कर्मी या शेरों पर नजर रखने वाले कर्मचारियों की तरफ से कर्तव्य निर्वहन में चूक हुई। दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’’
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इस घटना के साथ ही इस साल सितंबर से गिर के जंगल और उसके आस-पास शेर के बच्चों समेत कुल 35 शेरों की मौत हुई है। उनमें से कुछ की प्राकृतिक मौत हुई है जबकि कई अन्य केनाइन डिस्टेंपर वाइरस (सीडीवी) और प्रोटोजोआ संक्रमण के शिकार हुए। गिर वन राष्ट्रीय उद्यान एशियाई बब्बर शेरों का एकमात्र निवास स्थान है।
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जूनागढ़ वन्यजीव सर्किल के मुख्य वन संरक्षक डी टी वसवाडा ने बताया, ‘‘बोटाड से पिपावाव बंदरगाह जा रही एक मालगाड़ी ने मध्यरात्रि के समय छह शेरों के झुंड में से तीन को टक्कर मार दी, जिसमें दो शेरों और एक शेरनी की मौत हो गई।’’ उन्होंने कहा कि गुजरात वन विभाग ने जांच के आदेश दिये हैं।
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उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बात की जांच करेंगे कि क्या ट्रेन काफी तेज गति से जा रही थी जिससे यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। हम इस बात की भी जांच करेंगे कि क्या वन कर्मी या शेरों पर नजर रखने वाले कर्मचारियों की तरफ से कर्तव्य निर्वहन में चूक हुई। दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’’
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इस घटना के साथ ही इस साल सितंबर से गिर के जंगल और उसके आस-पास शेर के बच्चों समेत कुल 35 शेरों की मौत हुई है। उनमें से कुछ की प्राकृतिक मौत हुई है जबकि कई अन्य केनाइन डिस्टेंपर वाइरस (सीडीवी) और प्रोटोजोआ संक्रमण के शिकार हुए। गिर वन राष्ट्रीय उद्यान एशियाई बब्बर शेरों का एकमात्र निवास स्थान है।