फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   These vehicles of the ITBP are giving competition to the Chinese army's Muscular Humvee!

चीनी फौज की मस्कुलर Humvee को टक्कर दे रही हैं आईटीबीपी की ये गाड़ियां!

Wed, 03 Jun 2020 08:19 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 03 Jun 2020 08:19 PM IST
सार

बीओपी पर 20 फोर्ड एंडेवर भी उपलब्ध कराई गईं। बाद में फॉर्च्यूनर को भी आईटीबीपी के बेड़े में शामिल किया गया है। आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक पांडे बताते हैं कि उसके बाद लगातार ऐसे हैवी व्हीकल खरीदे जा रहे हैं।

विज्ञापन
These vehicles of the ITBP are giving competition to the Chinese army's Muscular Humvee!
Dongfeng Humvee - फोटो : Social Media

विस्तार

भारत-चीन सीमा पर आईटीबीपी की दो सौ गाड़ियां चीनी सेना के भारी वाहनों को टक्कर दे रही हैं। इन गाड़ियों में टोयोटा फॉर्च्यूनर, फोर्ड एंडेवर, इसुजु और स्कॉर्पियो शामिल हैं। खासतौर से, बीओपी पर स्कॉर्पियो का दम देखने को मिलता है।
विज्ञापन


इस गाड़ी में कुछ ऐसे बदलाव किए गए हैं, जिसके चलते 7-8 जवान इसमें बैठकर एक बीओपी से दूसरी बीओपी तक जा सकते हैं।

जब मौसम ज्यादा खराब होता है और सड़कों पर कई फुट बर्फ पड़ जाती है तो कैटर पिलर, स्नो स्कूटर और एटीवी की मदद ली जाती है।

अभी इनके अपडेट मॉडल खरीदने की योजना बनाई जा रही है।

बता दें कि गत वर्ष संसद में पेश की गई डिपार्टमेंट-रिलेटेड पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ऑफ होम अफेयर्स की रिपोर्ट में कहा गया था कि आईटीबीपी को अपनी कठोर ड्यूटी के लिए हाई पावर व्हीकल्स मुहैया कराए जाएं।

विज्ञापन


कमेटी ने अपनी सिफारिशों में कहा था, चूंकि आईटीबीपी उच्च सामरिक महत्व वाले बॉर्डर पर तैनात है, इसलिए वहां स्पेशल हैवी व्हीकल्स की जरूरत है। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आधुनिकीकरण योजना 3 के तहत 18 हाई पावर्ड गाड़ियां स्वीकृत की थीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

These vehicles of the ITBP are giving competition to the Chinese army's Muscular Humvee!
ITBP Toyota Fortuner - फोटो : Team-BHP

बीओपी पर 20 फोर्ड एंडेवर

बीओपी पर 20 फोर्ड एंडेवर भी उपलब्ध कराई गईं। बाद में फॉर्च्यूनर को भी आईटीबीपी के बेड़े में शामिल किया गया है। आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक पांडे बताते हैं कि उसके बाद लगातार ऐसे हैवी व्हीकल खरीदे जा रहे हैं।

अब इन वाहनों को अपडेट करने की योजना पर काम कर रहे हैं। जवानों की मूवमेंट में किसी तरह की बाधा न पहुंचे, इसके लिए आने वाले वर्षों में कुछ खास किस्म के वाहन बॉर्डर पर देखने को मिल सकते हैं।
 

आईटीबीपी के पूर्व डीआईजी जेवीएस चौधरी कहते हैं कि लद्दाख में आईटीबीपी फ्रंट फुट पर है। वहां पर हर समय सजग रहना पड़ता है। जवानों की मूवमेंट लगातार होती रहती है।

अब वह समय आ गया है कि हमें यहां पर ज्यादा से ज्यादा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना होगा।

सड़कों का निर्माण कार्य तेज करना चाहिए। हमें इस बर्फीले इलाके में अपग्रेड वाहनों की सख्त जरूरत है। विशेषकर हैवी इंजन वाली 4X4 गाड़ियां एवं एटीवी लेनी होंगी। हालांकि इस दिशा में फोर्स काम कर रही है।

लद्दाख में एक तिहाई ऑक्सीजन के साथ रहना पड़ता है। इसका असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि गाड़ियों पर भी होता है। मैदानी भाग में गाड़ी का 60 एचपी का स्तर लद्दाख में 15-20 एचपी रह जाता है।

ऐसे में हैवी ड्यूटी ट्रैक्टर या हाईपावर एसयूवी यहां के खराब मौसम और सड़कों के अनुरूप हैं। बल को ये वाहन ज्यादा खरीदने चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed