फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   These foreign pistols are being kept by the terrorists in Kashmir along with AK-47

कश्मीर में आतंकियों की नई चाल, 'एके-47' के साथ रख रहे हैं ये विदेशी पिस्टल

Wed, 10 Jun 2020 08:20 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 10 Jun 2020 08:20 PM IST
सार

2019 में आतंकियों के खिलाफ चलाए गए विभिन्न ऑपरेशनों में 80 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे। इस साल वह आंकड़ा 30 है। खास बात यह है कि मौजूदा वर्ष में मारे गए आतंकियों की संख्या 90 से अधिक हो गई है...

विज्ञापन
These foreign pistols are being kept by the terrorists in Kashmir along with AK-47
आतंकी ठिकाने से बरामद हथियार - फोटो : Amar Ujala (File)

विस्तार

कश्मीर में मौजूद विदेशी और स्थानीय आतंकी 'एके-47' जैसी आधुनिक स्वचालित राइफल के अलावा एक छोटी सी पिस्टल अपने पास रखने लगे हैं। इस साल सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में जितने भी आतंकवादी मारे गए हैं, उनमें अधिकांश के पास पिस्टल मिली है।
विज्ञापन


खास बात यह है कि ज्यादातर पिस्टल विदेशी हैं। जम्मू-कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद सहित दूसरे आतंकी समूह अपने सदस्यों को यह पिस्टल मुहैया कराते हैं।

विज्ञापन


सुरक्षा बलों के एक अधिकारी का कहना है कि खासतौर पर कश्मीर घाटी में अब आतंकियों को लोकल स्पोर्ट का मिलना बहुत कम हो गया है।

दूसरा, सेना, सीआरपीएफ एवं जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकियों और उनके ठिकानों के आसपास ऐसा शिकंजा कसा है, जिससे वे इधर उधर भाग रहे हैं।

उन्हें बहुत जल्द अपना ठिकाना बदलना पड़ रहा है। आतंकियों को यह डर लगा रहता है कि रास्ते में सीआरपीएफ व लोकल पुलिस की चेक पोस्ट मिलेगी, वहां जांच हुई तो फंस जाएंगे। 'एके-47' को छुपाना मुश्किल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि मुठभेड़ के दौरान उनके पास दोनों हथियार रहते हैं।


कश्मीर में तैनात सुरक्षा बलों के एक अधिकारी के अनुसार, पिछले साल 101 'एके-47' राइफल पकड़ी गई थीं। इस बार वह संख्या 31 मई तक 50 के पार पहुंच गई है।


इसके अलावा गत वर्ष 71 पिस्टल बरामद की गई, जबकि इस साल मई तक 77 से अधिक पिस्टल पकड़ी गई हैं।

2019 में आतंकियों के खिलाफ चलाए गए विभिन्न ऑपरेशनों में 80 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे। इस साल वह आंकड़ा 30 है। खास बात यह है कि मौजूदा वर्ष में मारे गए आतंकियों की संख्या 90 से अधिक हो गई है।
 

अगर सुरक्षा कर्मियों के घायल होने का आंकड़ा देखें, तो गत वर्ष यह संख्या 139 थी, जबकि इस बार 46 कर्मी घायल हुए हैं।

इस साल लॉकडाउन के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकियों पर तीन तरफा मार की है। एक, तलाशी अभियान लगातार जारी रहा। दूसरा, सेना ने सीआरपीएफ और पुलिस के साथ मिलकर पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा ऑपरेशनों को अंजाम दिया है।

तीसरा, स्थानीय स्तर पर जो पिकेट लगाई गई, उससे आतंकियों को इधर-उधर आने जाने में दिक्कत हुई। पिछले दिनों एक सेंट्रो कार, जो कि विस्फोटकों से भरी हुई थी, वह सुरक्षा बलों की चौकसी का ही नतीजा था कि वे उस कार को टारगेट तक नहीं ले जा सके।



सुरक्षा बलों ने पहले ही कार को अपने कब्जे में लेकर उड़ा दिया। गहन चेकिंग के चलते आतंकियों ने इधर-उधर जाने के लिए एके-47 की बजाए अपने साथ पिस्टल रखना शुरू कर दिया।

जब उन्हें लगता कि उनका ठिकाना अब सुरक्षा बलों ने घेर लिया है, तो वे एके-47 का इस्तेमाल करते थे। हालांकि पिस्टल उस वक्त भी उनके साथ ही रहती थी।

इस साल जो 77 पिस्टल बरामद हुई हैं, वे सभी मुठभेड़ स्थल पर ही मिली हैं। कुछ पिस्टल आतंकियों के ठिकाने पर रखी हुई थीं।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed