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खराब टेस्टिंग किट की वजह से बार-बार करनी पड़ रही है जांच, इस वजह से हो रही देरी: पश्चिम बंगाल सरकार
Mon, 20 Apr 2020 06:13 PM IST
श्रीधर मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Mon, 20 Apr 2020 06:13 PM IST
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मरीज की जांच करते डॉक्टर (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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पश्चिम बंगाल की सरकार ने आरोप लगाया है कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की नोडल एजेंसी एनआईसीईडी ने राज्य में कोरोना वायरस संबंधी जांच के लिए जो किट दी हैं, वो खराब हैं। राज्य सरकार की तरफ से यह आरोप लगाया गया है कि ये किट सही परिणाम नहीं बता रही हैं, जिसके कारण बार-बार जांच करनी पड़ती है। इसके चलते बीमारी का पता लगाने में देरी होती है।
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इस मामले पर आईसीएमआर-एनआईसीईडी के अधिकारियों का कहना है कि रीडिंग में आ परेशानियों का कारण यह हो सकता है कि इन किट का नॉर्मलाइजेशन नहीं किया गया हो। बता दें कि पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस से अब तक 276 लोग संक्रमित हो चुके हैं। वही, इस खतरनाक बीमारी के कारण अब तक 12 लोगों की मौत हो गई है।
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दरअसल इस मामले में पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने ट्वीट किया और कहा, 'आईसीएमआर-एनआईसीईडी की तरफ से खराब टेस्टिंग किट की सप्लाई की गई है। कोलकाता में की गई टेस्टिंग में बड़ी संख्या में अनिर्णायक परिणाम आए हैं, जिसके कारण पुष्टि के लिए बार-बार जांच करनी पड़ती है और इससे अंतिम जांच रिपोर्ट देने में देरी होती है।' विभाग की तरफ से आगे कहा गया है, ‘बार-बार जांच करने से ऐसे समय में देरी हो रही है और अन्य समस्याएं आ रही हैं खास कर तब जब हम वैश्विक महामारी से जूझ रहे हैं।’ विभाग ने इस मामले पर आईसीएमआर को तत्काल संज्ञान लेने को कहा है।
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विभाग का दावा है कि यह समस्या केवल राज्य की सरकारी प्रयोगशालाओं में ही नहीं, बल्कि देश की दूसरी प्रयोगशालाओं में भी आ रही है। विभाग ने कहा कि जब राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) ने जांच किट सीधे उसे दी थी तब इस प्रकार की कोई समस्या नहीं आई थी।
वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की तरफ से ट्वीट में कहा गया है, हम सभी रचनात्मक समर्थन और सुझावों का स्वागत करते हैं, खास कर कोविड संकट को नकारने में केंद्रीय सरकार से। हालांकि, जिस आधार पर केंद्र भारत भर के चुनिंदा जिलों में IMCTs की तैनाती का प्रस्ताव दे रहा है, जिसमें आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत पश्चिम बंगाल भी शामिल है उसमें कुछ भी स्पष्ट नहीं है।"
आईसीएमआर का जवाब : 20 डिग्री से कम तापमान में रखनी होगी किट
आईसीएमआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर आर गंगाखेड़कर ने सोमवार को इस बारे में सफाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसी सूचना मिली है कि पश्चिम बंगाल में कुछ टेस्ट किट ठीक से काम नहीं कर रही हैं। हमें यह ध्यान रखना है कि ये पीजीआई किट अमेरिकी लैब से मान्य हैं। मगर इन किट को 20 डिग्री से कम तापमान में रखना होगा। ऐसा नहीं करने से दिक्कत होगी।