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स्वामी सानंद की मौत पर उनके गुरु ने उठाए सवाल, चिट्ठी ने खोला राज
Thu, 11 Oct 2018 06:52 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Published by: Trainee Trainee
Updated Thu, 11 Oct 2018 06:52 PM IST
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Ganga
प्रो. जीडी अग्रवाल को दीक्षा देकर स्वामी सानंद बनाने वाले उनके गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि उनकी साजिश के तहत हत्या की गई है। अविमुक्तेश्वरानंद के अनुसार सेहत के नाम पर प्रशासन ने उन्हें जबरदस्ती उठाकर इस घटना को अंजाम दिया है, जबकि उनका स्वास्थ्य पूरी तरह से ठीक था।
मरने से पहले लिखा था खत
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का दावा है कि प्रशासन द्वारा स्वामी सानंद को उठाए जाने से पहले उन्होंने उनके लिखे खत का जवाब खुद लिखकर भेजा था। जिसमें उन्होंने खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बताया था। उन्होंने सिर्फ पोटैशियम कम होने की बात कही थी।
सरकार की मंशा पर उठाया सवाल
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सवाल उठाया कि स्वामी सानंद को पहले दिल्ली रेफर किया जा रहा था फिर अचानक से उन्हें ऋषिकेश एम्स क्यों ले जाया गया? उन्होंने सरकार के उस दावे को खारिज किया, जिसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने स्वामी सानंद की 80 प्रतिशत मांगों को मान लिए जाने की बात कही थी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि यदि नितिन गडकरी ने उनकी सुनी होती तो ऐसी घटना क्यों घटती। उनकी बात मानने की बात तो दूर वे उन्हें देखने तक नहीं गए।
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एक और गंगा प्रेमी चला गया
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि स्वामी निगमानंद के बाद एक और संन्यासी स्वामी सानंद की गंगा के नाम हत्या कर दी गई है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुसार स्वामी सानंद की इच्छा थी कि उनका शरीर एम्स को दान दे दिया जाए। ऐसे में हम उनकी इच्छा अवश्य पूरी करेंगे, लेकिन उनके शरीर को उस ऋषिकेश एम्स को नहीं सौंपने देंगे, जहां उनकी हत्या की साजिश रची गई हो।
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मरने से पहले लिखा था खत
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का दावा है कि प्रशासन द्वारा स्वामी सानंद को उठाए जाने से पहले उन्होंने उनके लिखे खत का जवाब खुद लिखकर भेजा था। जिसमें उन्होंने खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बताया था। उन्होंने सिर्फ पोटैशियम कम होने की बात कही थी।
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सरकार की मंशा पर उठाया सवाल
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सवाल उठाया कि स्वामी सानंद को पहले दिल्ली रेफर किया जा रहा था फिर अचानक से उन्हें ऋषिकेश एम्स क्यों ले जाया गया? उन्होंने सरकार के उस दावे को खारिज किया, जिसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने स्वामी सानंद की 80 प्रतिशत मांगों को मान लिए जाने की बात कही थी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि यदि नितिन गडकरी ने उनकी सुनी होती तो ऐसी घटना क्यों घटती। उनकी बात मानने की बात तो दूर वे उन्हें देखने तक नहीं गए।
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एक और गंगा प्रेमी चला गया
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि स्वामी निगमानंद के बाद एक और संन्यासी स्वामी सानंद की गंगा के नाम हत्या कर दी गई है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुसार स्वामी सानंद की इच्छा थी कि उनका शरीर एम्स को दान दे दिया जाए। ऐसे में हम उनकी इच्छा अवश्य पूरी करेंगे, लेकिन उनके शरीर को उस ऋषिकेश एम्स को नहीं सौंपने देंगे, जहां उनकी हत्या की साजिश रची गई हो।