पीएम मोदी की कहानी : केंद्रीय मंत्री कर रहे इसके बारे में ट्वीट, आखिर क्या है इसकी कथावस्तु, क्यों हो रही लोकप्रिय
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, अनुराग ठाकुर समेत कई मंत्री व भाजपा नेताओं ने शनिवार को '@themodistory' ट्विटर हैंडल पर इसके बारे में ट्वीट किया। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीवन यात्रा पर 'मोदी स्टोरी' एक वेबसाइट है। यह वेबसाइट नरेंद्र मोदी के जीवन के प्रेरक क्षणों को एक साथ लाने का काम कर रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के समकालीन पीएम में सबसे लोकप्रिय हैं। उनके जीवन से जुड़े तमाम पहलुओं को लेकर खूब चर्चा होती है। अब 'मोदी की कहानी' का एक संग्रह इन दिनों चर्चित हो रहा है। केंद्रीय मंत्री इसे लेकर ट्वीट कर रहे हैं। इसमें पीएम मोदी के जीवन की कुछ अनकही कहानियां हैं। ये उन हस्तियों से चर्चा पर आधारित हैं, जिन्होंने पीएम मोदी के जीवन को करीब से देखा है।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, अनुराग ठाकुर समेत कई मंत्री व भाजपा नेताओं ने शनिवार को '@themodistory' ट्विटर हैंडल पर इसके बारे में ट्वीट किया। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीवन यात्रा पर 'modistory.in' एक वेबसाइट है। यह वेबसाइट नरेंद्र मोदी के जीवन के प्रेरक क्षणों को एक साथ लाने का काम कर रही है। यह एक स्वयं सेवक की पहल है। इसका उद्घाटन महात्मा गांधी की पोती सुमित्रा गांधी कुलकर्णी ने किया था।
MODI STORY, a volunteer driven initiative brings together inspiring moments from PM @narendramodi's life, as narrated by his co-travellers.
विज्ञापन विज्ञापन
Officially launched by Smt Sumitra Gandhi Kulkarni, granddaughter of Mahatma Gandhi.
Visit: https://t.co/2HrqAGQ9HI
Follow: @themodistory pic.twitter.com/v1GZrMg5Yz — BJP (@BJP4India) March 26, 2022
सैनिक स्कूल में पढ़ना चाहते थे, आपातकाल में सिख की तरह रहे
पीएम मोदी के एक शिक्षक का कहना है कि वह सैनिक स्कूल में पढ़ना चाहते थे। वहीं उनके पुराने पड़ोसी ने बताया कि आपातकाल के दौरान वह एक सिख का वेश धारण कर रहते थे। वेबसाइट का कहना है कि इसका उद्देश्य उन सभी लोगों के प्रत्यक्ष किस्से-कहानियों और यादों को एक साथ लाना है, जिन्होंने नरेंद्र मोदी को करीब से देखा है। इस वेबसाइट पर वे वीडियो, ऑडियो या लिखित रूप में योगदान दे सकते हैं।
मोदी की कहानी को उन्हें करीब से जानने वालों ने लिखा और कहा है। ये भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। ये आत्म विश्वास पैदा करती हैं कि 'मैं भी मोदी की तरह बन सकता हूं'। इस वेबसाइट का लोगो एक 'गर्म चाय का प्याला' है। पीएम मोदी 2001 में गुजरात के सीएम बने थे। उसके बाद वे लगातार तीन बार गुजरात के सीएम रहे और फिर दिल्ली में केंद्रीय राजनीति का रुख किया। 2014 में वे पहली बार पीएम बने और फिर 2019 में प्रचंड बहुमत से भाजपा को जिताकर मोदी दूसरी बार पीएम बने।
बचपन में सैनिक स्कूल में जाने की थी तमन्ना
गुजरात के वडनगर में पीएम के स्कूल प्रधानाध्यापक रासबिहारी मानियार और शारदा प्रजापति ने भी उनसे जुड़ी यादें साझा की हैं। 1990 के दशक में अपने दौरों के दौरान मोदी अकसर प्रजापति के घर ही ठहरा करते थे। इसके अलावा, पोर्टल पर ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा और बैडमिंटन खिलाड़ी पुलेला गोपीचंद ने भी मोदी से जुड़े अपने अनुभव बताए हैं। मानियार ने देश के सशस्त्र बलों के प्रति मोदी की भावनाओं का उल्लेख कर बताया, कि जब वह कम उम्र के छात्र थे तो सैनिक स्कूल का आवेदन पत्र लेकर आए थे। वेबसाइट पर आम लोग भी व्यक्तिगत संस्मरण, किस्से या अनुभव साझा कर सकते हैं।
स्वयंसेवक की झुग्गी में भोजन के बाद देशसेवा का लिया प्रण
गुजरात के रहने वाले डॉ. अनिल रावल ने 1980 के दशक में मोदी द्वारा उन्हें एक यात्रा के दौरान सुनाई गई दिल छूने वाली कहानी साझा की है। रावल के मुताबिक, जब मैंने उनसे आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए काम करने की प्रेरणा की वजह पूछी, तो मोदी ने एक स्वयंसेवक के घर दोपहर भोजन का वाकया सुनाया। उन्होंने बताया, वह स्वयंसेवक पत्नी-बच्चे के साथ झुग्गी में रहता था। एक थाली में उन्होंने मुझे आधी बाजरे की रोटी और एक दूध की छोटी कटोरी दी।
इस दौरान वह बच्चा मां की गोद में बैठा था और वह लगातार कटोरी की ओर देखता रहा। मैं समझ गया कि यह दूध उसके लिए है। मैंने रोटी पानी के साथ खाकर दूध बच्चे को दे दिया और वह एक सांस में सारा दूध पी लिया। उस वक्त मेरी आंखों में आंसू आ गए। यह वह मौका था, जब मैंने निश्चय किया अपनी जिंदगी आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति को ऊपर उठाने में लगाऊंगा।