आईएसआई कमांडर के नाम से आया पत्र, आगरा को बम से उड़ाने की धमकी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन स्थित दुर्घटना राहत कार्यालय में गुरुवार की सुबह मिले धमकी भरे पत्र से दहशत फैल गई। आईएसआई कमांडर मोहम्मद मिर्जा के नाम से भेजे गए पत्र में सदर बाजार और जनकपुरी में बम धमाके करने की धमकी दी गई है। रेल कर्मियों ने इसकी जानकारी आरपीएफ और जीआरपी को दी। इसके बाद जीआरपी, सदर पुलिस और खुफिया एजेंसियां पड़ताल में जुट गई हैं।
स्टेशन पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। सदर बाजार में भी चेकिंग कराई गई। कैंट स्टेशन के आउटर पर बने दुर्घटना राहत कार्यालय में कर्मचारी अमर सिंह ने सुबह 10 बजे दफ्तर खोला तो सफेद लिफाफा पड़ा था। इस पर हरे रंग के स्केच पैन से आईएसआई कमांडर मोहम्मद मिर्जा का नाम लिखा है। नीचे लिखा है कि कल सदर बाजार में तीन बम धमाके होने वाले हैं 7 पीएम से 8 बजे के बीच।
इसके बाद जनकपुरी होगी अगला निशाना। यह देखकर कर्मचारी अपने सेक्शन इंजीनियर को जानकारी दी। उन्होंने आरपीएफ और जीआरपी कैंट को पत्र के बारे में बताया। जीआरपी कैंट ने पत्र को कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने बताया कि पत्र में खत में कोड में भी कुछ लिखा है।
पत्र पर लिखा कोड, बढ़ाई सतर्कता
इसके साथ ही अंदर लिफाफे में मिले दो पन्नों के पत्र में एक व्यवसायी का नाम, सदर के एक ज्वेलर्स का नाम है। पत्र में जय हास्पिटल में हुए बम धमाके का जिक्र है। शहर में कई स्थानों पर धमाके करने की बात लिखी है। इसके साथ ही पत्र में लिखा है कि उसे पुलिस को भी पैसा देना है। धमकी भरा पत्र मिलने की जानकारी होने पर जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची।
थाना सदर पुलिस ने भी जांच पड़ताल की। सीओ सदर असीम चौधरी और खुफिया एजेंसियों ने सभी पन्नों की लिखावट का मिलान किया। जीआरपी कैंट प्रभारी का कहना है कि पत्र मिलने के बाद स्टेशन पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
लिफाफे पर कोड एमएम 00 एक्स, पाक भारत लिखा है। सदर बाजार के एक ज्वेलर्स का नाम भी है। कोड में लिखी शब्दावली को डिकोड करने का प्रयास भी किया जा रहा है।
धमकी भरा पत्र मिलने के बाद ट्रेनों और स्टेशनों पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्टेशनों पर आरपीएफ ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। हालांकि पत्र में शहर के इलाकों का जिक्र है।
- आरपी तोमर, असिस्टेंट कमांडेंट, आरपीएफ