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Prerna Sthal: उपराष्ट्रपति ने प्रेरणा-स्थल का किया उद्घाटन, देश की महान विभूतियों के एक ही जगह होंगे दर्शन
Sun, 16 Jun 2024 03:37 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 16 Jun 2024 03:37 PM IST
सार
Prerna Sthal: उपराष्ट्रपति ने संसद भवन परिसर में प्रेरणा-स्थल का उद्घाटन किया। प्रेरणा-स्थल का निर्माण आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है, जो संसद भवन के अंदर एक ही स्थान पर महान नेताओं की प्रतिमाओं को देख और श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे।
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उपराष्ट्रपति ने प्रेरणा-स्थल का किया उद्घाटन
- फोटो : X@AIRNewsHindi
विस्तार
हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और लोकतंत्र के मंदिर संसद भवन का अपना अलग इतिहास है। हालांकि पिछले साल पुराने संसद भवन को छोड़कर अब नए संसद भवन में संवैधानिक कामकाज जारी है। हाल ही में 18वीं लोकसभा का चुनाव आयोजित किया गया और नई सरकार का गठन हुआ। वहीं संसद भवन की भव्यता को और बढ़ाने के लिए लोकसभा सचिवालय ने संसद भवन परिसर में 'प्रेरणा स्थल' का निर्माण किया है। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने संसद भवन परिसर में प्रेरणा-स्थल का उद्घाटन किया। प्रेरणा-स्थल का निर्माण आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है, जो संसद भवन के अंदर एक ही स्थान पर महान नेताओं की प्रतिमाओं को देख सकेंगे और श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे।
'एक जगह पर होगी देश के विभूतियों की मूर्ति'
17वीं लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि संसद भवन परिसर में हमारे देश के सभी महान लोगों, क्रांतिकारियों, अध्यात्मवादियों, सांस्कृतिक नेताओं, जिन्होंने नई चेतना जगाई, उनकी प्रतिमाएं अलग-अलग स्थानों पर स्थापित की गई हैं। जिस पर लोकसभा ने फैसला किया है किए इन सभी महान विभूतियों की मूर्तियों को सम्मानपूर्वक एक जगह पर स्थापित किया जाएगा। इसलिए संसद भवन में प्रेरणा स्थल का निर्माण किया जा रहा है, जो यहां आने वाले सभी भारत और विदेशी आगंतुक, जो भारत के लोकतंत्र के बारे में जानना चाहते हैं, उन्हें पूरी जानकारी मिल सके।
अगली पीढ़ियों को मिल सके जानकारी- बिरला
ओम बिरला ने जानकारी देते हुए कहा कि, चाहे वो महात्मा गांधी, बाबा साहेब, महाराणा प्रताप या छत्रपति शिवाजी की मूर्तियां हो, हम सभी महान लोगों की मूर्तियों को एक जगह पर ला रहे हैं। जिससे आने वाली पीढ़ी इन सभी महान विभूतियों के द्वारा इतिहास में दिए गए उनके बलिदान, संघर्षों और आध्यात्मिक और सांस्कृतिक योगदान को जान सके। सभी मूर्तियों के पास उन महान विभूतियों के बारे में जानकारी और इतिहास में उनके योगदान-संघर्षों को नई टेक्नोलॉजी के माध्यम उपलब्ध होगी। जिससे यहां आने वाले सभी आंगतुक सरलता से भारत को महान बनाने में उनके योगदान को जान सके।
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कांग्रेस नेता ने मूर्तियों को हटाने का लगाया था आरोप
आपको बता दें कि कुछ दिन पहले संसद भवन परिसर से कई महापुरुषों की मूर्तियों का हटाने का आरोप कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने लगाया था। जिसके जवाब में लोकसभा सचिवालय ने कहा कि संसद भवन परिसर से किसी भी महापुरुष की प्रतिमा को हटाया नहीं गया है। बल्कि सभी महापुरुषों की मूर्तियों को संसद भवन परिसर में एक जगह पर सम्मानजनक तरीके से स्थापित किया जाएगा। इसके लिए संसद भवन परिसर में भव्य प्रेरणा स्थल का निर्माण किया जा रहा है।
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'एक जगह पर होगी देश के विभूतियों की मूर्ति'
17वीं लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि संसद भवन परिसर में हमारे देश के सभी महान लोगों, क्रांतिकारियों, अध्यात्मवादियों, सांस्कृतिक नेताओं, जिन्होंने नई चेतना जगाई, उनकी प्रतिमाएं अलग-अलग स्थानों पर स्थापित की गई हैं। जिस पर लोकसभा ने फैसला किया है किए इन सभी महान विभूतियों की मूर्तियों को सम्मानपूर्वक एक जगह पर स्थापित किया जाएगा। इसलिए संसद भवन में प्रेरणा स्थल का निर्माण किया जा रहा है, जो यहां आने वाले सभी भारत और विदेशी आगंतुक, जो भारत के लोकतंत्र के बारे में जानना चाहते हैं, उन्हें पूरी जानकारी मिल सके।
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अगली पीढ़ियों को मिल सके जानकारी- बिरला
ओम बिरला ने जानकारी देते हुए कहा कि, चाहे वो महात्मा गांधी, बाबा साहेब, महाराणा प्रताप या छत्रपति शिवाजी की मूर्तियां हो, हम सभी महान लोगों की मूर्तियों को एक जगह पर ला रहे हैं। जिससे आने वाली पीढ़ी इन सभी महान विभूतियों के द्वारा इतिहास में दिए गए उनके बलिदान, संघर्षों और आध्यात्मिक और सांस्कृतिक योगदान को जान सके। सभी मूर्तियों के पास उन महान विभूतियों के बारे में जानकारी और इतिहास में उनके योगदान-संघर्षों को नई टेक्नोलॉजी के माध्यम उपलब्ध होगी। जिससे यहां आने वाले सभी आंगतुक सरलता से भारत को महान बनाने में उनके योगदान को जान सके।
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कांग्रेस नेता ने मूर्तियों को हटाने का लगाया था आरोप
आपको बता दें कि कुछ दिन पहले संसद भवन परिसर से कई महापुरुषों की मूर्तियों का हटाने का आरोप कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने लगाया था। जिसके जवाब में लोकसभा सचिवालय ने कहा कि संसद भवन परिसर से किसी भी महापुरुष की प्रतिमा को हटाया नहीं गया है। बल्कि सभी महापुरुषों की मूर्तियों को संसद भवन परिसर में एक जगह पर सम्मानजनक तरीके से स्थापित किया जाएगा। इसके लिए संसद भवन परिसर में भव्य प्रेरणा स्थल का निर्माण किया जा रहा है।