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केजरीवाल की फिल्म रिलीज के लिए सेंसर बोर्ड को चाहिए मोदी की एनओसी

Fri, 19 May 2017 08:27 AM IST
सुरेंद्र मिश्र/ अमर उजाला, मुंबई
सुरेंद्र मिश्र/ अमर उजाला, मुंबई Updated Fri, 19 May 2017 08:27 AM IST
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the censor board wants pm Modi's NOC For the release of arvind Kejriwal's film

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म की रिलीज के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एनओसी देनी पड़ेगी। चूंकि इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के भी फुटेज हैं। इसलिए सेंसर बोर्ड ने फिल्म निर्माता से पीएम मोदी और शीला दीक्षित की एनओसी देने को कहा है।

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भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन के बाद खड़ी हुई आप और केजरीवाल पर बनी इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म को सेंसर बोर्ड ने सात कट के साथ मंजूरी तो दे दी है लेकिन मोदी और दीक्षित के फुटेज के इस्तेमाल के चलते दोनों से अनापत्ति (एनओसी) प्रमाणपत्र लाने को कहा गया है।
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वैसे भी, अरविंद केजरीवाल अक्सर आरोप लगाते रहते हैं कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मर्जी के बिना कोई काम नहीं करने दिया जाता। दूसरे मामलों में तो पता नहीं इसमें कितनी सच्चाई है, लेकिन डॉक्यूमेंट्री फिल्म को सेंसर ही हरी झंडी के लिए निर्माताओं को मोदी के साथ-साथ दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की एनओसी लाने के लिए कहा गया है।

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भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन और आप के गठन पर बनी है डॉक्यूमेंट्री फिल्म

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दरअसल, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता फिल्मकार आनंद गांधी ने अरविंद केजरीवाल पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई है। यह फिल्म साल 2011 के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन और आम आदमी पार्टी के गठन पर आधारित है। इसका नाम एन इनसिग्निफिकेंट मैन (एक मामूली आदमी) रखा गया है।

अरविंद केजरीवाल को केंद्र में रखकर ही बनाई गई इस फिल्म में आंदोलन के फुटेज का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही पीएम मोदी, शीला दीक्षित समेत कई नेताओं के बारे में दिए गए आपत्तिजनक बयान भी थे। इसलिए शुरुआत में सेंसर बोर्ड की इग्जामिनिंग कमेटी ने इसे पास करने से मना कर दिया था।

इसके बाद डॉक्यूमेंट्री फिल्म रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दी गई। रिवाइजिंग कमेटी में खुद सेंसर बोर्ड अध्यक्ष पहलाज निहालानी ने भी यह फिल्म देखी। इसके बाद कमेटी ने इसमें से सात सीन काट दिए है। इसके साथ ही डॉक्यूमेंट्री में मोदी और दीक्षित के फुटेज इस्तेमाल के चलते निर्माता को दोनों से एनओसी लाने को कहा है। 

''डॉक्यूमेंट्री फिल्म को हरी झंडी दे दी गई है लेकिन, नियमानुसार जिनकी फुटेज इस्तेमाल होती है उनका एनओसी लगता है। इसलिए निर्माताओं को कहा गया है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शीला दीक्षित की एनओसी लाएं। एनओसी मिलने के बाद सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा।'' - पहलाज निहलानी, अध्यक्ष सेंसर बोर्ड

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