बैंक धोखाधड़ी मामला : विदेश में भी फैला है संदेसरा बंधुओं का कारोबार
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पांच हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की बैंक धोखाधड़ी मामले में फंसे स्टर्लिंग ग्रुप के प्रमोटर नितिन एवं चेतन संदेसरा का कारोबार देश से लेकर विदेश तक फैला है। दवा के कारोबार से श्रीगणेश करने वाले ये उद्योगपति बंधु कई तेल कुओं के भी मालिक है। भारत के अलावा नाइजीरिया, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड, अमेरिका, सेशल्स और मॉरीशस में भी समूह की कंपनियां सक्रिय हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नाइजीरिया में इस समूह के कई तेल कुएं हैं। समूह के खिलाफ सीबीआई की एफआईआर के बाद ईडी ने मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया है और उसके जांच के दायरे में समूह के 50 से अधिक विदेशी बैंक अकाउंट भी हैं।
मुंबई में छापे से खुला था राज
समूह की 300 से भी ज्यादा मुखौटा कंपनियों और बेनामी संपत्तियों से जुड़ी सामग्री को ईडी ने मुंबई के जागेश्वरी से जब्त किया है। इनमें कंपनियों के गठन से संबंधित दस्तावेज, रबर स्टांप, कंपनी सील, चेक बुक, पैन कार्ड और 10 लाख से ज्यादा पन्नों के दस्तावेज शामिल हैं। यह सामग्री समूह के कई परिसरों से लाकर यहां रखी गई थी ताकि उन्हें जांच एजेंसियों की नजर से बचा कर खा जाए।
ईडी ने इसके लिए दिल्ली, मुंबई, वडोदरा, अहमदाबाद और सूरत समेत देश के विभिन्न शहरों के 50 ठिकानों पर छापेमारी की थी। जिसके बाद मुंबई के जागेश्वरी में उसे सफलता मिली। ईडी के मुताबिक मुखौटा कंपनियों में दीपराज ट्रेडिंग, इंबिओ ट्रेडिंग, गेट्सबाइ ट्रेडिंग, न्यूपोर्ट इंटरप्राइजेज और राज बोन्स शामिल है। इन कंपनियों के नाम पर बेनामी संपत्तियां और कई लग्जरी कारें हैं। इनके द्वारा 140 करोड़ रुपये भी बैंक खातों से निकाला गया है।
सरकारी कर्मियों को भी दी रिश्वत
बैंक धोखाधड़ी से हासिल धनराशि से समूह की विभिन्न कंपनियों के नाम पर संपत्ति खरीदी गई। संदेसरा बंधुओं ने इससे कई लग्जरी गाड़ियां भी खरीदीं। इसके अलावा इसमें कई नौकरशाहों के नाम भी ईडी के हाथ लगे हैं, जिन्हें कंपनी द्वारा पैसा दिया गया है। ईडी इस मामले में जांच कर रहा है।
फार्म हाउस की पार्टी में बैंक अधिकारी
समूह की एक कंपनी के निदेशक सुनील यादव द्वारा ईडी के सामने दिए गए बयान के अनुसार संदेसरा बंधु जब दिल्ली में होते थे तो उनके फार्म हाउस में शानदार पार्टियों का आयोजन किया जाता था जिनमें बैंकों के अधिकारी भी शामिल होते थे।
टैक्स हैवन देशों में 100 से ज्यादा कंपनियां
आयकर अधिकारियों के अनुसार संदेसरा बंधुओं ने बैंकों से मिले लोन को हड़पने के लिए ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड और सेशल्स जैसे टैक्स हैवन देशों (जहां आयकर पर टैक्स नहीं लगता है) में 100 से ज्यादा कंपनियां, ट्रस्ट और फाउंडेशन बना रखे हैं।