{"_id":"5d0ec5988ebc3e6e3e15ebb4","slug":"the-blood-of-the-rare-group-given-to-the-child-watching-the-message-on-social-media","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंसानियत की मिसाल : सोशल मीडिया पर मैसेज देख बच्चे को दिया दुर्लभ ग्रुप का खून","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
इंसानियत की मिसाल : सोशल मीडिया पर मैसेज देख बच्चे को दिया दुर्लभ ग्रुप का खून
Sun, 23 Jun 2019 05:49 AM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sun, 23 Jun 2019 05:49 AM IST
विज्ञापन
एम्स
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के न्यूरोलॉजी विभाग में तैनात एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। सोशल मीडिया पर मैसेज देखकर उन्होंने एम्स में भर्ती एक बच्चे को दुर्लभ ग्रुप का खून दिया।
दरअसल, एम्स में भर्ती एक बच्चे को कई दिन से ओ-निगेटिव ग्रुप के रक्त की जरूरत थी। काफी तलाश के बाद भी परिजनों को कामयाबी नही मिली तो उन्होंने लोगों के कहने पर सोशल मीडिया पर मदद मांगी। मैसेज देखकर डॉ. अपूर्व शर्मा सामने आए और बच्चे को अपना खून देकर मदद की।
परिवार डॉक्टर अपूर्व को धन्यवाद देते थक नहीं रहा है। जानकारी के अनुसार, बच्चे का ब्लड ग्रुप ओ-निगेटिव है। इसे बेहद दुर्लभ माना जाता है। परिजनों ने रिश्तेदारों और मिलने-जुलने वाले लोगों से संपर्क किया, लेकिन कामयाबी नही मिली। इधर, किसी अस्पताल के ब्लड बैंक में भी इस ग्रुप का रक्त उपलब्ध नहीं था। डॉक्टर अपूर्व ने सोशल मीडिया पर मैसेज देखकर फौरन बच्चे के परिवार से संपर्क किया। इसके बाद डॉ. अपूर्व ने शनिवार को रक्तदान कर बच्चे की मदद की।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल, एम्स में भर्ती एक बच्चे को कई दिन से ओ-निगेटिव ग्रुप के रक्त की जरूरत थी। काफी तलाश के बाद भी परिजनों को कामयाबी नही मिली तो उन्होंने लोगों के कहने पर सोशल मीडिया पर मदद मांगी। मैसेज देखकर डॉ. अपूर्व शर्मा सामने आए और बच्चे को अपना खून देकर मदद की।
विज्ञापन
परिवार डॉक्टर अपूर्व को धन्यवाद देते थक नहीं रहा है। जानकारी के अनुसार, बच्चे का ब्लड ग्रुप ओ-निगेटिव है। इसे बेहद दुर्लभ माना जाता है। परिजनों ने रिश्तेदारों और मिलने-जुलने वाले लोगों से संपर्क किया, लेकिन कामयाबी नही मिली। इधर, किसी अस्पताल के ब्लड बैंक में भी इस ग्रुप का रक्त उपलब्ध नहीं था। डॉक्टर अपूर्व ने सोशल मीडिया पर मैसेज देखकर फौरन बच्चे के परिवार से संपर्क किया। इसके बाद डॉ. अपूर्व ने शनिवार को रक्तदान कर बच्चे की मदद की।
विज्ञापन