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Hindi News ›   India News ›   The bill grants the status of central universities to three Sanskrit universities passed in Loksabha

तीन संस्कृत विश्वविद्यालयों को केंद्रीय बनाने का बिल लोकसभा में पास

Fri, 13 Dec 2019 01:01 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Fri, 13 Dec 2019 01:01 AM IST
सार

  • तीन डीम्ड संस्कृत विश्वविद्यालयों को केंद्रीय विश्वविद्यालयों का दर्जा देने वाला बिल 
  • 250 विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जाती है संस्कृत
  • 14 विश्वविद्यालय अकेले जर्मनी में हैं

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The bill grants the status of central universities to three Sanskrit universities passed in Loksabha
रमेश पोखरियाल निशंक - फोटो : ANI

विस्तार

देश के तीन डीम्ड संस्कृत विश्वविद्यालयों को केंद्रीय विश्वविद्यालयों का दर्जा देने वाला बिल गुरुवार को लोकसभा में पास हो गया। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, सरकार सभी भारतीय भाषाओं के विकास और प्रचार के लिए प्रतिबद्ध है।

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केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक 2019 पर बहस के दौरान निशंक ने कहा, भारत के सभी प्राचीन ग्रंथों का देश को विश्व गुरु बनने में विशेष योगदान रहा है। इनकी भाषा संस्कृत थी और इसको लेकर हो रहा विवाद पीड़ादायक है।
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संस्कृत को सबसे समृद्ध भाषा बताने पर डीएमके नेता के सवाल उठाने पर निशंक ने कहा, हम छोटी बातों में नहीं पड़ना चाहते। हम आज विश्व गुरु हैं और इस तरह की हल्की बातों में अपनी ऊर्जा व समय नष्ट करना हमें शोभा नहीं देता।

बिल में डीम्ड विश्वविद्यालय राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ और राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने का प्रावधान है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने मांग रखी कि एक विश्वविद्यालय का नाम ईश्वर चंद्र विद्यासागर के नाम पर रखा जाए।

सांसदों ने इस दौरान संस्कृत की समृद्धता की प्रशंसा वहीं केंद्रीय मंत्री प्रताप सिंह सारंगी ने अपना भाषण संस्कृत में दिया। निशंक ने कहा, संस्कृत दूसरी भाषाओं को सबसे अधिक शब्द देने वाली भाषा है।

दूसरे इससे सीखें और हम नजरंदाज करें यह गलत

निशंक ने विदेशों में संस्कृत पढ़ाने और हमारे ग्रंथों से ज्ञान प्राप्त करने का जिक्र करते हुए कहा, दूसरे हमारी भाषा से दुनियाभर का ज्ञान लें और हम इसे नजरंदाज करते रहें यह गलत है। सरकार के इस कदम से हमारे ग्रंथों में दर्ज ज्ञान को समझना और ग्रहण करना आसान होगा।

बीएचयू में संस्कृत पढ़ाते रहेंगे फिरोज खान

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्कृत विभाग में मुस्लिम प्रोफेसर की नियुक्ति पर हुए विवाद को विराम देते हुए निशंक ने कहा कि फिरोज खान संस्कृत विभा में हैं और बीएचयू में संस्कृत पढ़ाते रहेंगे।

बिल पर चर्चा  के दौरान बसपा के दानिश अली ने बीएचयू में प्रोफेसर खान की नियुक्ति का मुद्दा उठाया था। इनकी नियुक्ति को लेकर विभाग में काफी समय से प्रदर्शन चल रहा है। हालांकि विवाद के बीच खान गत मंगलवार को कला संकाय से जुड़ गए थे।

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