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कुरान में शांति का खूबसूरत संदेश : जरनल रावत
एजेंसी / नई दिल्ली
Updated Fri, 15 Dec 2017 12:12 AM IST
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फाइल फोटो
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पवित्र कुरान में शांति और एकता का संदेश खूबसूरती से चित्रित किया गया है और लोग अक्सर इसका सार नहीं समझ पाते हैं। सेना प्रमुख जनरल बिपिन राव ने जम्मू एवं कश्मीर के छात्रों को संबोधित करते हुए बृहस्पतिवार को यह बात कही। अपने कार्यालय में मदरसा छात्रों से मुलाकात करते हुए उन्होंने कहा, छात्र क्रिकेट और फुटबाल जैसे खेल चुनें और आतंकवाद पर रोक लगाने के लिए काम करें ताकि कश्मीर घाटी फिर से फले-फूले। पर हमने सुना है कि वहां युवा हथियारों के साथ चोर सिपाही का खेल खेलते हैं।
सेना की ओर से राष्ट्रीय एकता का यह टूर आयोजित किया गया था, जिसमें 25 सदस्य शामिल हैं। जनरल रावत ने उनसे पूछा कि आप में से कितने लोगों ने पवित्र कुरान पढ़ी है। उन्होंने कहा, मैं आपको बताऊंगा कि उसमें क्या संदेश है। उसमें अमन का पैगाम है और इसे खूबसूरती से चित्रित किया गया है। और यह जो आईएसआईएस का हल्ला है न, यह कुरान में कहीं नहीं है।
पढ़ें- कुरान के कानून में कयामत तक नहीं हो सकता बदलाव : मदनी
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सेना की ओर से राष्ट्रीय एकता का यह टूर आयोजित किया गया था, जिसमें 25 सदस्य शामिल हैं। जनरल रावत ने उनसे पूछा कि आप में से कितने लोगों ने पवित्र कुरान पढ़ी है। उन्होंने कहा, मैं आपको बताऊंगा कि उसमें क्या संदेश है। उसमें अमन का पैगाम है और इसे खूबसूरती से चित्रित किया गया है। और यह जो आईएसआईएस का हल्ला है न, यह कुरान में कहीं नहीं है।
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सांकेतिक चित्र
सेना प्रमुख ने कहा, आपको पवित्र किताब में लिखे संदेश का पालन करना चाहिए। आपको लगता है कि लोग इस संदेश को समझते हैं। हम उसे ठीक से नहीं समझते हैं। सामान्य रूप से कुरान मानवीय मूल्य का संदेश देती है। 13 से 22 साल के बीच के बच्चों का यह दल 12 दिसंबर को दिल्ली आया था और इनमें से ज्यादातर ने पहली बार दिल्ली देखी है।
आर्मी चीफ ने छात्रों से पूछा कि उन्होंने दिल्ली और कश्मीर में क्या अंतर देखा और बोले, कश्मीर की तरह यहां बंकर नहीं हैं। लोग शांति से रात में घूमते हैं। हम ऐसा ही शांतिपूर्ण माहौल कश्मीर में चाहते हैं। ताकि आप बिना डर के स्कूल और मदरसे जा सकें। कश्मीर घाटी स्वर्ग की तरह है। अगर आप उस जमीन को फलते-फूलते देखना चाहते हैं तो आतंकवाद को खत्म करना होगा।
जम्मू के पंजग्राम गांव के 13 साल के अब्दुल हमीद ने कहा वह दिल्ली आकर बेहद खुश है। पहली बार वह जम्मू से बाहर घूमे और पहली बार ट्रेन पर चढ़े। सेना के अधिकारियों के मुताबिक यह दल बुधवार को ताजमहल गया था। शुक्रवार को लाल किला और जामा मस्जिद देखेंगे।
आर्मी चीफ ने छात्रों से पूछा कि उन्होंने दिल्ली और कश्मीर में क्या अंतर देखा और बोले, कश्मीर की तरह यहां बंकर नहीं हैं। लोग शांति से रात में घूमते हैं। हम ऐसा ही शांतिपूर्ण माहौल कश्मीर में चाहते हैं। ताकि आप बिना डर के स्कूल और मदरसे जा सकें। कश्मीर घाटी स्वर्ग की तरह है। अगर आप उस जमीन को फलते-फूलते देखना चाहते हैं तो आतंकवाद को खत्म करना होगा।
जम्मू के पंजग्राम गांव के 13 साल के अब्दुल हमीद ने कहा वह दिल्ली आकर बेहद खुश है। पहली बार वह जम्मू से बाहर घूमे और पहली बार ट्रेन पर चढ़े। सेना के अधिकारियों के मुताबिक यह दल बुधवार को ताजमहल गया था। शुक्रवार को लाल किला और जामा मस्जिद देखेंगे।