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Hindi News ›   India News ›   The 13th round of Corps Commander-level talks between India and China in Moldo lasted for 10 hours

भारत-चीन वार्ता: आठ घंटे से ज्यादा चली दोनों देशों के सैन्य कमांडरों की बैठक, लद्दाख गतिरोध दूर करने पर मंथन

Sun, 10 Oct 2021 08:02 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sun, 10 Oct 2021 08:02 PM IST
सार

भारत व चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में करीब डेढ़ साल से जारी गतिरोध को पूरी तरह खत्म करने के प्रयास जारी हैं।
 

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The 13th round of Corps Commander-level talks between India and China in Moldo lasted for 10 hours
भारत और चीन के बीच वार्ता file photo - फोटो : PTI

विस्तार

करीब दो महीने के बाद भारत और चीन के बीच रविवार को 13वें दौर की कोर कमांडर स्तर की सैन्य वार्ता हुई। इसमें भारत ने पूर्वी लद्दाख में विवाद के बचे इलाकों से सैन्य टुकड़ियों को वापस कर जल्द से जल्द पूर्व स्थिति बहाल करने पर जोर दिया। बातचीत करीब 8 घंटे तक चली। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के चीनी हिस्से में मोल्दो बॉर्डर प्वाइंट पर ये बातचीत सुबह 10.30 बजे शुरू हुई और शाम 7 बजे तक चलती रही।

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सैन्य सूत्रों के अनुसार वार्ता का मुख्य जोर पेट्रोलिंग प्वाइंट 15 (पीपी-15) से सैन्य टुकड़ियों की वापसी पर केंद्रित रहा। बातचीत के बारे में कोई भी आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है। भारत की ओर से वार्ता की अगुआई लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन ने की, जो लेह स्थित 14वें कोर के कमांडर हैं। भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि पूर्वी लद्दाख के देपसांग, हॉट स्प्रिंग और गोगरा के मुद्दों का सुलझना दोनों देशों के रिश्तों में सुधार के लिए जरूरी है। सेना के सूत्रों के अनुसार भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने बातचीत के दौरान देश का ये रुख पूरी दृढ़ता से चीन के सामने रखा है।
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विदेश मंत्रियों के बीच तीन हफ्तेे पहले हुई थी बातचीत
दोनों देशों के बीच बातचीत का ताजा दौर विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बातचीत के तीन हफ्ते बाद शुरू हुआ है। दोनों मंत्री पूर्वी लद्दाख के बचे हुए मुद्दों के शीघ्र समाधान पर सहमत हुए थे। दोनों विदेश मंत्रियों की 16 सितंबर को दुशांबे में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक से इतर बातचीत हुई थी।
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दो महीने बाद हुई वार्ता
भारत-चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की 12वें दौर की बातचीत 31 जुलाई को हुई थी। इसके कुछ दिन बाद ही दोनों पक्षों ने गोगरा में सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया पूरी की थी और इसे क्षेत्र में शांति और स्थिरता स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया था।




चीन ने फिर की घुसपैठ की कोशिश
करीब 10 दिन पहले दोनों देशों की टुकड़ियों के बीच अरुणाचल के तवांग के यांग्से में झड़प हुई और भारतीय सैनिकों ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे चीनी सैनिकों को वापस जाने को मजबूर कर दिया। पिछले महीने चीनी सेना के करीब 100 जवानों ने उत्तराखंड के बाराहोती सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश की थी। घटना 30 अगस्त को हुई थी और चीनी सेना कुछ घंटे बाद खुद लौट गई थी।

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