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थट्टनचावड़ी सीट: यहां से तय होगी पुदुचेरी की सरकार, सीएम रंगास्वामी बचाएंगे गढ़ या वैतिलिंगम करेंगे वापसी?
Tue, 07 Apr 2026 06:27 AM IST
Pavan
उपमिता वाजपेयी, अमर उजाला, पुदुचेरी
उपमिता वाजपेयी, अमर उजाला, पुदुचेरी
Published by: Pavan
Updated Tue, 07 Apr 2026 06:27 AM IST
सार
पुदुचेरी के सीएम रंगास्वामी काफी सादा जीवन रोज सुबह पूजा के बाद कौओं को दाना-पानी देते हैं और प्रसाद खुद बांटते हैं। राज्य की थट्टनचावड़ी वह सीट है जहां से एनडीए से मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी व कांग्रेस से पूर्व सीएम व मौजूदा सांसद वैतिलिंगम आमने-सामने हैं।
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पुदुचेरी में कांग्रेस सांसद और मौजूदा सीएम के बीच मुकाबला
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पुदुचेरी के पुराने मोहल्लों से फ्रेंच कॉलोनी, व्हाइट टाउन और समुद्र को छूते शहर के आखिरी छोर तक लाउडस्पीकर से जमकर प्रचार हो रहा है। तमिल गाने उम्मीदवारों की तारीफों की धुन गा रहे हैं। इन गानों के बीच से आती पटाखों की आवाज ये बताती है कि वहां कोई बड़ा नेता मौजूद है। देश के आखिरी कोने पर बसे पुदुचेरी में चुनाव अपने अंतिम मुहाने पर है। पुदुचेरी की थट्टनचावड़ी इलाके की प्रमुख सड़क पर एक लोडिंग रिक्शा हाथी जितना बड़ा जग का चुनाव चिह्न लेकर सबसे आगे चल रहा है। ये रंगास्वामी की पार्टी एआईएनआरसी का चुनाव चिह्न है। चार-पांच गाड़ियां हैं, साधारण मॉडल वालीं। काफिला बीच चौराहे पर रुकता है। कार्यकर्ताओं की भीड़ कार को घेर लेती है। सीएम गाड़ी से बाहर आते हैं। इलाके के उम्मीदवार से मिलते हैं। उन्हें फूलों का कई किलो वजनी हार पहनाया जाता है। प्रत्याशी साष्टांग प्रणाम करते हैं। महिलाएं मुस्कुराकर ताजे फूल फेंकती हैं। कई बार वो माइक लेकर अपने हासिल व चुनावी वादे गिनाते हैं। पैदल गली के आखिरी छोर तक जाते हैं। मंदिर देखकर हाथ भी जोड़ते हैं। बमुश्किल 10-12 मिनट बाद वो दोबारा कार में बैठ जाते हैं। काफिला आगे कूच करता है। रंगास्वामी दिन में दो सीटों पर प्रचार करते हैं। उनकी पार्टी ने 16 उम्मीदवार उतारे हैं।
यह भी पढ़ें - बारामती में विरासत की लड़ाई: सुनेत्रा पवार बोलीं-अजित दादा का विकास रुकने नहीं दूंगी, कांग्रेस पर हमलावर पार्थ
दो सीटों से ताल ठोक रहे मुख्यमंत्री
75 साल के सीएम रंगास्वामी दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। थट्टनचावड़ी और मंगलम। थट्टनचावड़ी उनकी पारंपरिक सीट है, जबकि मंगलम इसलिए अहम है क्योंकि वहां गठबंधन के बावजूद डीएमके व कांग्रेस ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
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दो कमरों के आवास में रंग-रोगन तक नहीं
एक बड़े से हॉल और दो कमरों के जिस घर में सीएम रहते हैं वहां की दीवारों को पलस्तर और रंग-रोगन की जरूरत है। बैचलर हैं और मां के निधन के बाद से अकेले ही रहते हैं। जिन दो कमरों में उनका बसेरा है उनमें से एक में सिंगल बेड व अलमारी है। दूसरे में ट्रॉिफयों से लेकर चुनाव प्रचार सामग्री और पानी की बोतलें रखी हैं। आंगन में एक टेनिस कोर्ट है, जहां सीएम रोज एक घंटे टेनिस खेलते हैं। योपुर सुरेश उनके साथ रोज खेलने आते हैं। कहते हैं, टेनिस में सीएम किसी युवा खिलाड़ी से भी जमकर मुकाबला कर लेते हैं।
टेनिस कोर्ट से थोड़ी ही दूर मुरुगन भगवान का मंदिर है। इन दिनों जो उम्मीदवार उनसे मिलने आते हैं उनसे इस मंदिर में विशेष पूजा करवाई जाती है। सीएम उन्हें भगवान के सामने रखा चुनावी घोषणा पत्र उठाकर देते हैं। उस पर कुछ फूल और नींबू रखे होते हैं। रंगास्वामी दो बार कांग्रेस व दो बार अपनी बनाई ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस से सीएम रह चुके हैं पुदुचेरी में सबसे लंबे वक्त तक सीएम रहने का उनका रिकॉर्ड है।
यह भी पढ़ें - भारत की परमाणु क्षेत्र में छलांग: स्वदेशी फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने रचा नया इतिहास, PM मोदी बोले- गर्व का क्षण
राजनीति में कैसे आए सीए रंगास्वामी?
पहली बार जब अपनी पार्टी से सीएम बने तो वह सिर्फ 45 दिन पुरानी थी। नई पार्टी क्यों बनाई ये समझाने के लिए चुनाव लड़ने से पूर्व कार्यकर्ताओं को उन्होंने साढ़े तीन घंटे खड़े होकर भाषण दिया था। पेशे से किसान,पढ़ाई से वकील रंगास्वामी एक्टर शिवाजी गणेशन के प्रशंसक रहे हैं। युवाओं को उनकी फिल्मों के टिकट बांटा करते थे। वकालत व किसानी करते हुए राजनीति में आए। पुदुचेरी में लोग कहते हैं कि कभी भी कहीं भी उनसे मिला जा सकता है। यह उनकी सबसे बड़ी ताकत है। इस बार लोग इस ताकत को वोट में बदलते हैं या कांग्रेस-डीएमके को मौका देते हैं इसका फैसला 9 अप्रैल को होगा।
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दो सीटों से ताल ठोक रहे मुख्यमंत्री
75 साल के सीएम रंगास्वामी दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। थट्टनचावड़ी और मंगलम। थट्टनचावड़ी उनकी पारंपरिक सीट है, जबकि मंगलम इसलिए अहम है क्योंकि वहां गठबंधन के बावजूद डीएमके व कांग्रेस ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
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दो कमरों के आवास में रंग-रोगन तक नहीं
एक बड़े से हॉल और दो कमरों के जिस घर में सीएम रहते हैं वहां की दीवारों को पलस्तर और रंग-रोगन की जरूरत है। बैचलर हैं और मां के निधन के बाद से अकेले ही रहते हैं। जिन दो कमरों में उनका बसेरा है उनमें से एक में सिंगल बेड व अलमारी है। दूसरे में ट्रॉिफयों से लेकर चुनाव प्रचार सामग्री और पानी की बोतलें रखी हैं। आंगन में एक टेनिस कोर्ट है, जहां सीएम रोज एक घंटे टेनिस खेलते हैं। योपुर सुरेश उनके साथ रोज खेलने आते हैं। कहते हैं, टेनिस में सीएम किसी युवा खिलाड़ी से भी जमकर मुकाबला कर लेते हैं।
टेनिस कोर्ट से थोड़ी ही दूर मुरुगन भगवान का मंदिर है। इन दिनों जो उम्मीदवार उनसे मिलने आते हैं उनसे इस मंदिर में विशेष पूजा करवाई जाती है। सीएम उन्हें भगवान के सामने रखा चुनावी घोषणा पत्र उठाकर देते हैं। उस पर कुछ फूल और नींबू रखे होते हैं। रंगास्वामी दो बार कांग्रेस व दो बार अपनी बनाई ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस से सीएम रह चुके हैं पुदुचेरी में सबसे लंबे वक्त तक सीएम रहने का उनका रिकॉर्ड है।
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पहली बार जब अपनी पार्टी से सीएम बने तो वह सिर्फ 45 दिन पुरानी थी। नई पार्टी क्यों बनाई ये समझाने के लिए चुनाव लड़ने से पूर्व कार्यकर्ताओं को उन्होंने साढ़े तीन घंटे खड़े होकर भाषण दिया था। पेशे से किसान,पढ़ाई से वकील रंगास्वामी एक्टर शिवाजी गणेशन के प्रशंसक रहे हैं। युवाओं को उनकी फिल्मों के टिकट बांटा करते थे। वकालत व किसानी करते हुए राजनीति में आए। पुदुचेरी में लोग कहते हैं कि कभी भी कहीं भी उनसे मिला जा सकता है। यह उनकी सबसे बड़ी ताकत है। इस बार लोग इस ताकत को वोट में बदलते हैं या कांग्रेस-डीएमके को मौका देते हैं इसका फैसला 9 अप्रैल को होगा।
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