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'हार से ट्रंप की विदेश नीति पर नहीं पड़ेगा असर': ईरान पर हमले की धमकी के बीच थरूर का बयान, भारत पर क्या बोले?

Fri, 06 Nov 2026 02:32 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी एएनआई, तिरुवनंतपुरम
एएनआई, तिरुवनंतपुरम Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Fri, 06 Nov 2026 02:32 PM IST
सार

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि चुनावी हार के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास विदेश नीति और सैन्य कार्रवाई से जुड़े फैसले लेने के पर्याप्त अधिकार हैं। उन्होंने ईरान पर हमले की धमकी को शांति वार्ता में दबाव बनाने की रणनीति भी बताया। 

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Tharoor statement amid threats an attack on Iran say Trump defeat will not impact his foreign policy
शशि थरूर, कांग्रेस सांसद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान पर हमले करने की चेतावनी दे रहे हैं। इसी बीच ट्रंप की चेतावनी पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि चुनाव में अपनी पार्टी को मिली हार के बावजूद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास अपनी विदेश नीति के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए काफी अधिकार मौजूद हैं।
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शशि थरूर ने क्या कहा?
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, 'उन्हें ऐसा करने का अधिकार है। हमें हमेशा यह समझना चाहिए कि चुनाव नतीजों का इस तरह के फैसलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हमें यह भी समझना होगा कि अगर मिस्टर ट्रंप ऐसा करना चाहते हैं। भले ही यह फैसला कितना भी गलत क्यों न हो, और चाहे हम सभी, इस क्षेत्र के बाकी देशों, तेल की आपूर्ति, महंगाई या किसी भी अन्य चीज पर इसके जो भी परिणाम हों तो उन्हें अमेरिकी कांग्रेस या किसी और के द्वारा रोका नहीं जा सकता।
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हमेशा शाब्दिक अर्थ नहीं लेना चाहिए
थरूर आगे कहते हैं 'दूसरी ओर, हमें हर बात को हमेशा उसके शाब्दिक अर्थ में नहीं लेना चाहिए। हो सकता है कि यह शांति के लिए अपनी मोलभाव की स्थिति को मजबूत करने का एक तरीका भर हो। यानी, 'मैं हमला करने के लिए तैयार हूं, लेकिन अगर आप शांति चाहते हैं, तो आइए और बात करें।' शायद यही इसका छिपा हुआ संदेश हो। मैं यह नहीं कह रहा कि उन्होंने ऐसा कहा है, लेकिन यह दिखाकर कि वे हमला करने के लिए तैयार हैं। वे दोनों पक्षों का ध्यान शांति के लिए किसी गंभीर समझौते की ओर खींच सकते हैं। हम बस यही उम्मीद कर सकते हैं।'


उन्होंने बताया कि जहां कांग्रेस के पास बजट संबंधी मामलों में काफी अधिकार होते हैं। वह सरकारी खर्च को सीमित या मंजूर कर सकती है। वहीं विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों में राष्ट्रपति के पास काफी विवेकाधिकार होता है। थरूर ने कहा कि सैन्य कार्रवाई के मामले में भी, राष्ट्रपति 60 दिनों तक की शुरुआती अवधि के लिए बिना मंजूरी लिए आगे बढ़ सकते हैं। हालांकि, कांग्रेस अपने वित्तीय अधिकारों का इस्तेमाल करके खर्च को सीमित कर सकती है, खासकर तब जब कोई सैन्य अभियान बहुत खर्चीला हो।

भारत और अमेरिका संबंध पर क्या कहा? 
उन्होंने कहा, 'भारत में जो लोग यह उम्मीद कर रहे हैं कि इसका अमेरिका के साथ हमारे संबंधों पर कोई असर पड़ेगा, मुझे लगता है कि वे पूरी तरह से गलत हैं।' उन्होंने अल्पसंख्यक समुदायों और भारतीय मूल के उम्मीदवारों की जीत का भी जिक्र किया, जिसमें लॉस एंजिल्स में भारतीय मूल के मेयर का चुना जाना भी शामिल है। थरूर ने कहा कि ये नतीजे अमेरिकी लोकतंत्र की जीवंतता को दर्शाते हैं, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इन नतीजों से अंतरराष्ट्रीय मामलों पर फैसले लेने की ट्रम्प की क्षमता में कोई खास बदलाव नहीं आएगा।
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