NCERT: पाठ्यक्रम से मौलाना आजाद से जुड़े संदर्भ हटाने पर गुस्साए थरूर, सरकार पर लगाया अपमान करने का आरोप
पिछले साल अपने सिलेबस रेशनलाइजेशन अभ्यास के हिस्से के रूप में एनसीईआरटी ने ओवरलैपिंग और अप्रासंगिक कारणों का हवाला देते हुए पाठ्यक्रम से कुछ हिस्सों को हटाया था, जिसमें गुजरात दंगा, मुगल अदालत, आपातकाल, शीत युद्ध आदि शामिल थे।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को सरकार पर देश के पहले शिक्षा मंत्री के अपमान करने का आरोप लगाया। दरअसल, एनसीईआरटी की 11वीं कक्षा की राजनीति विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तक से भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद के संदर्भों को हटा दिया गया है। इसी को लेकर थरूर ने सरकार की आलोचना की और अपमानजनक बताया।
पिछले साल किया गया बदलाव
गौरतलब है, पिछले साल अपने सिलेबस रेशनलाइजेशन अभ्यास के हिस्से के रूप में एनसीईआरटी ने ओवरलैपिंग और अप्रासंगिक कारणों का हवाला देते हुए पाठ्यक्रम से कुछ हिस्सों को हटाया था, जिसमें गुजरात दंगा, मुगल अदालत, आपातकाल, शीत युद्ध आदि शामिल थे। हालांकि इस दौरान कक्षा 11 की राजनीति विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में किसी भी बदलाव का कोई उल्लेख नहीं था।
लेकिन नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) ने 11वीं कक्षा की राजनीति विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तक से स्वतंत्रता सेनानी और भारत के पहले शिक्षा मंत्री आजाद का संदर्भ हटा दिया है।
थरूर का ट्वीट
इस पर पूर्व मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री थरूर ने गुस्से में एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा यह कितना अपमानजनक है। मुझे ऐतिहासिक आख्यान में उपेक्षित आंकड़े जोड़ने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन गलत कारणों से लोगों को हटाना हमारे लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।
इस साल नहीं किया कोई बदलाव
एनसीईआरटी ने दावा किया है कि इस साल पाठ्यक्रम में कोई कटौती नहीं की गई है। पाठ्यक्रम में पिछले साल जून में बदलाव किया गया था।