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TET Paper Leak: महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक में सोलापुर का कोचिंग सेंटर मालिक गिरफ्तार, अब तक 16 आरोपी पकड़े गए

Wed, 12 Aug 2026 01:26 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Wed, 12 Aug 2026 01:26 AM IST
सार

महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में सोलापुर के प्रशिक्षण केंद्र संचालक प्रकाश पवार की गिरफ्तारी के बाद आरोपी की संख्या 16 हो गई है। पुलिस को उनके पास से 26 परीक्षा पेपर सेट मिले हैं, जिनमें छह टीईटी से जुड़े बताए गए हैं। पुलिस अब कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है। लेकिन पवार के वकील आरोपों को खारिज कर रहे हैं। सवाल है कि क्या पवार पेपर लीक नेटवर्क का हिस्सा थे? आइए, विस्तार से इस पूरे मामले को भी समझ लेते हैं...

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TET Paper Leak: Solapur Coaching Centre Owner Arrested in Maharashtra, 16 Accused Held So Far
सोलापुर के कोचिंग सेंटर मालिक पर क्या आरोप हैं? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी पेपर लीक मामले में पुलिस ने सोलापुर के एक भर्ती प्रशिक्षण केंद्र के मालिक प्रकाश पवार को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। भिवंडी पुलिस के मुताबिक पवार के पास से परीक्षा से जुड़े 26 पेपर सेट मिले हैं। इनमें से छह पेपर सेट सीधे टीईटी परीक्षा से जुड़े बताए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन पेपरों का इस्तेमाल लीक सामग्री को अभ्यर्थियों तक पहुंचाने के लिए किया गया था या नहीं।
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सोलापुर के कोचिंग सेंटर मालिक पर क्या आरोप हैं?

पुलिस के अनुसार प्रकाश पवार सोलापुर के रहने वाले हैं और करीब एक दशक से सरकारी नौकरी तथा शिक्षक पदों की तैयारी कराने वाला प्रशिक्षण केंद्र चलाते रहे हैं। जांच के दौरान पेपर लीक नेटवर्क में उनकी भूमिका सामने आने के बाद भिवंडी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। तलाशी में 26 परीक्षा से जुड़े पेपर सेट मिले। पुलिस का कहना है कि इनमें ज्यादातर भर्ती परीक्षाओं के मॉक टेस्ट से संबंधित हैं, लेकिन कम से कम छह सेट टीईटी परीक्षा से सीधे जुड़े हैं। स्थानीय अदालत ने पवार को 15 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
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पुलिस अब पवार के खिलाफ किन सबूतों की जांच कर रही है?

जांच अधिकारी जब्त किए गए दस्तावेजों, फोन रिकॉर्ड और प्रशिक्षण केंद्र से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाना चाहती है कि परीक्षा से पहले कथित तौर पर लीक हुए प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों तक पहुंचाए गए थे या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि पवार तक ये परीक्षा सामग्री किस रास्ते से पहुंची और इस पूरे नेटवर्क में कोई अतिरिक्त एजेंट या परीक्षा से जुड़ा अंदरूनी व्यक्ति शामिल था या नहीं। पुलिस ने आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया है।

पवार के वकील ने गिरफ्तारी पर क्या सफाई दी है?

पवार के वकील नारायण अय्यर ने अपने मुवक्किल पर लगे आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि पवार एक समर्पित शिक्षक हैं और उन्होंने गरीब तथा वंचित वर्ग के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए वर्षों तक काम किया है। वकील के मुताबिक जिस आरोपी के पास से 26 पेपर मिले थे, उनमें 20 पुलिस भर्ती की तैयारी कराने वाले छात्रों से जुड़े थे और पांच से छह पेपर कई साल पहले हुई टीईटी परीक्षाओं से संबंधित थे। पवार ने बीए और डीएड की पढ़ाई की है और पहले शिक्षक के रूप में भी काम कर चुके हैं।

ध्रुव अकादमी में करीब कितने छात्रों को प्रशिक्षण दिया गया था?

पवार के वकील के मुताबिक उन्होंने सोलापुर में अपनी सात एकड़ जमीन पर ध्रुव अकादमी शुरू की थी। यह संस्थान 2012 से 2020 तक चला और इसमें कक्षा सी तथा डी स्तर की सरकारी नौकरियों, पुलिस कांस्टेबल और निचले स्तर के क्लर्क पदों की परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती थी। वकील के अनुसार प्रशिक्षण के लिए छात्रों से पहले फीस नहीं ली जाती थी। उनसे सफलता मिलने और नौकरी हासिल करने के बाद मामूली शुल्क लिया जाता था। करीब आठ से दस साल में लगभग एक हजार अभ्यर्थियों ने प्रशिक्षण लिया और इनमें 500 से अधिक सफल हुए।

टीईटी पेपर लीक का मामला सामने कैसे आया था?

मामला 27 जून को सामने आया था। भिवंडी पुलिस ने गोपनीय सूचना के आधार पर एक जगह छापा मारकर अनधिकृत प्रश्नपत्रों की प्रतियां बरामद की थीं। बाद में महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों से इनकी जांच कराई गई तो बरामद सामग्री 28 जून को होने वाली टीईटी परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाती पाई गई। इसके बाद राज्य सरकार ने टीईटी 2026 परीक्षा स्थगित कर दी। भिवंडी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया।

अब तक कितने आरोपी पकड़े गए और मास्टरमाइंड कौन?

पुलिस ने इस मामले में अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। जुलाई के अंत में कथित मास्टरमाइंड और उसके एक सहयोगी को बिहार से पकड़ा गया था। पुलिस के मुताबिक कथित सरगना विजयेंद्रकुमार उर्फ बिजेंद्र कुमार गुप्ता और उसका सहयोगी इंद्रजीत सिंह बिहार के समस्तीपुर से गिरफ्तार किए गए थे। अब सोलापुर के प्रशिक्षण केंद्र संचालक प्रकाश पवार की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक नेटवर्क में अलग-अलग आरोपियों की क्या भूमिका थी।
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