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सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जम्मू-कश्मीर में चुन चुन कर मारे जा रहे आतंकवादी

Tue, 09 Jul 2019 07:08 PM IST
गौरव द्विवेदी डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव द्विवेदी Updated Tue, 09 Jul 2019 07:08 PM IST
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Terrorists killed in Jammu Kashmir after surgical strike
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जम्मू-कश्मीर में चुन चुन कर आतंकवादी मारे जा रहे हैं। आतंकवाद को लेकर केंद्र सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति और सुरक्षा बलों को दी गई छूट का नतीजा है कि इस साल 30 जून तक 113 आतंकियों को मार गिराया गया। पिछले साल यह संख्या 257 थी। साल 2017 में 213 और 2016 में 150 आतंकी मारे गए थे।

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बता दें कि 2016 में भारतीय सेना ने बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक कर पाकिस्तानी सीमा में चल रहे आतंकियों के कई ट्रेनिंग कैंप तबाह कर दिए थे। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने आतंकियों पर लगातार दबाव बनाए रखा। खुफिया जानकारी जुटाकर उनके ठिकानों पर दबिश दी गई। गृह मंत्रालय में राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी का कहना है कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने आतंकियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई निरंतर जारी रखी है। यही वजह है कि साल 2016 से लेकर अब तक आतंकियों के मारे जाने का ग्राफ ऊपर जा रहा है।
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आतंकवादियों के खिलाफ सेना, अर्धसैनिक बल और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर ऑपरेशन शुरू किया है। सुरक्षा बलों को पूरी छूट दी गई है। इसी का नतीजा है कि आतंकियों के मारे जाने का ग्राफ हर साल बढ़ रहा है। गृह राज्यमंत्री के मुताबिक, आतंकियों को मदद पहुंचाने वालों का भी पता लगाया गया है। जो लोग उन्हें धन या हथियारों की मदद देते हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। एनआईए, डीआरआई और ईडी जैसी एजेंसियां, आतंकियों के मददगारों तक पहुंच गई हैं।
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दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर में लोगों के संपूर्ण विकास के लिए 80,068 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की है। इसकी मदद से वहां 63 क्षेत्रों में विकास कार्य शुरू होंगे। इसके तहत सड़क, बिजली उत्पादन, स्वास्थ्य और शिक्षा आदि क्षेत्रों में कई नई योजनाएं शुरू की जा रही हैं। जी किशन रेड्डी के मुताबिक, इनमें दो एम्स, आईईटी और आईआईएम जैसे संस्थान भी शामिल हैं। हिमायत और उड़ान जैसी योजनाओं के जरिए वहां के स्थानीय युवकों को रोजगार प्रदान किया जाएगा। जो युवक किसी के बहकावे में आकर दूसरी राह पर चले गए हैं, उन्हें दोबारा से मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए सिविक एक्शन प्रोग्राम शुरू किया गया है।

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