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एलएसी : चीन से सटी सीमा की निगहबानी करेंगे माउंटेन स्ट्राइक कोर के साथ 10 हजार और जवान
Sat, 10 Apr 2021 04:05 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 10 Apr 2021 04:05 AM IST
सार
- सेना ने नए सिरे से उत्तरी सीमा पर तैनात माउंटेन कोर को मजबूती देने के लिए की अतिरिक्त तैनाती
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भारतीय सेना
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
देश के उत्तर में चीन से सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की निगहबानी करने के लिए भारतीय सेना ने माउंटेन स्ट्राइक कोर के साथ करीब 10 हजार और जवानों की तैनाती कर दी है।
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माउंटेन स्ट्राइक कोर को मजबूत करने का मकसद पश्चिमी मोर्चे पर पाकिस्तान के बजाय चीन से सटी सीमाओं पर ध्यान केंद्रित करना है। सेना ने यह कदम विस्तारवादी और आक्रामक चीन को एलएसी पर कहीं भी पूर्वी लद्दाख जैसी किसी भी हिमाकत को रोकने के लिए उठाया है।
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पूर्वी सेक्टर में करीब 10 हजार सैनिकों वाले एक मौजूदा डिवीजन को अब 17वीं माउंटेन स्ट्राइक कोर के साथ जोड़ा गया है, जिसका मुख्यालय पश्चिम बंगाल के पानागढ़ में है।
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सूत्रों के मुताबिक, माउंटेन स्ट्राइक कोर को केंद्र की तरफ से करीब एक दशक पहले ही हरी झंडी मिली थी, मगर अभी तक इसके साथ एक ही डिवीजन जुड़ी थी। सेना के नए कदम से अब इस कोर की मारक क्षमता में इजाफा होगा।
पूर्वी लद्दाख में चीन की आक्रामकता और सैन्य तनाव के बाद से सेना ने हाल के दिनों में सीमा सुरक्षा को नए सिरे से संतुलित करने की कवायद के तहत कई कदम उठाए गए हैं।
मथुरा के वन स्ट्राइक कोर को भी लगाया गया
इस बीच, गर्मी की दस्तक के साथ ही भारतीय सेना और दूसरे सुरक्षा बल लद्दाख सेक्टर और एलएसी से लगे दूसरे पहाड़ी इलाकों में फिर से लौटना शुरू कर चुके हैं। एलएसी पर पिछले साल से ही भारत और चीन के सैनिक बड़ी संख्या में तैनात हैं।
मथुरा स्थित वन स्ट्राइक कोर के डिवीजन को उत्तरी सीमा पर फोकस किया गया है। इसके अलावा सुगर सेक्टर, सेंट्रल सेक्टर और उत्तर-पूर्वी सीमाओं पर भी तैनाती को मजबूत किया जा रहा है।
हॉट स्प्रिंग, गोगरा और डेपसांग से सैनिकों की वापसी के लिए 11वें दौर की वार्ता
भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख में हॉट स्प्रिंग, गोगरा और डेपसांग जैसे गतिरोध वाले शेष हिस्सों से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिये शुक्रवार को 11वें दौर की वार्ता की। पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर भारतीय क्षेत्र में चुशुल सीमा क्षेत्र पर सुबह करीब 10:30 बजे कोर कमांडर स्तर की बैठक शुरू हुई।
भारत की ओर से सैन्य प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई लेह स्थित 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन ने की। सूत्रों के मुताबिक, भारत ने बातचीत में चीन से टकराव की बाकी जगहों से भी सैनिकों को जल्द से जल्द हटाने को कहा है।
इससे पहले दसवें दौर की सैन्य वार्ता 20 फरवरी को हुई थी। इससे दो दिन पहले दोनों देशों की सेनाएं पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों से अपने-अपने सैनिक और हथियारों को पीछे हटाने पर राजी हुईं थीं।